चाईबासा में टीबी मरीजों के उपचार के दौरान पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने सहायता कार्यक्रम आयोजित किया। टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़े ‘प्रोजेक्ट जागृति-बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के तहत गुरुवार को 77 मरीजों के बीच पोषण बास्केट बांटे गए।
कार्यक्रम सदर अस्पताल चाईबासा परिसर के कुपोषण उपचार केंद्र में हुआ। इस दौरान पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल मौजूद रहे। प्रशासन की यह पहल इलाज करा रहे मरीजों को नियमित पोषण सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
वितरण के आंकड़ों के अनुसार, 40 मरीजों को पहली बार पोषण बास्केट मिला। इसके अलावा 11 मरीजों को दूसरी, नौ को तीसरी और 17 मरीजों को चौथी बार यह सहायता दी गई। इस तरह कार्यक्रम में नए लाभार्थियों के साथ पहले से सहायता प्राप्त कर रहे मरीजों को भी शामिल किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत पश्चिमी सिंहभूम में करीब तीन हजार टीबी मरीजों को पोषण सहयोग दिया जा रहा है। विभिन्न अधिकारी और संस्थान निक्षय मित्र के रूप में इन मरीजों को गोद लेकर उपचार अवधि में उनकी पोषण जरूरतों में सहयोग कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल ने पांच मरीजों को गोद लिया। जिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जगन्नाथ हेंब्रम ने 21 और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आलोक रंजन महतो ने पांच मरीजों की जिम्मेदारी निक्षय मित्र के रूप में स्वीकार की।
इस पहल का घोषित उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार के साथ जरूरी सहयोग देना है, ताकि वे निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से दवा लेते रहें और उपचार पूरा कर सकें। पोषण बास्केट का क्रमवार वितरण यह भी दर्शाता है कि कार्यक्रम में उपचार के अलग-अलग चरणों से गुजर रहे मरीजों को लगातार सहायता देने की व्यवस्था रखी गई है।