रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक अज्ञात मरीज की आपात न्यूरोसर्जरी की गई है। संस्थान के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज को न्यूरोसर्जरी विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसकी पहचान करने और परिजनों का पता लगाने की कोशिश भी जारी है।
रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर महतो की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मरीज को एक व्यक्ति ने छह अक्टूबर को अस्पताल पहुंचाया था। स्वास्थ्य जांच में उसके मस्तिष्क के दाहिने टेम्पोरो-पैराइटल हिस्से में एक्यूट सबड्यूरल हेमेटोमा के साथ मिडलाइन शिफ्ट पाया गया। यह स्थिति सामने आने के बाद चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने सात अक्टूबर को मरीज की राइट फ्रंटो-टेम्पोरो-पैराइटल डिकंप्रेसिव क्रेनिएक्टॉमी की। रिम्स के अनुसार, गंभीर स्थिति को देखते हुए यह आपात प्रक्रिया की गई और मरीज का उपचार सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
ऑपरेशन के दौरान निकाले गए बोन फ्लैप को मरीज के पेट की आगे की दीवार में सुरक्षित रखा गया है। अस्पताल ने बताया कि मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद जरूरत के अनुसार आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया में इसका उपयोग किया जा सकेगा।
फिलहाल मरीज की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। अस्पताल पहुंचाए जाने के समय उसके साथ परिजनों की जानकारी उपलब्ध नहीं थी। रिम्स प्रबंधन मरीज की पहचान और उसके परिवार तक सूचना पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है।
मरीज का उपचार अभी न्यूरोसर्जरी विभाग में जारी है। रिम्स ने उसके स्वास्थ्य की आगे की स्थिति या अस्पताल से छुट्टी के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।