चाईबासा में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आयोजित शिविरों में कुल 553 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। प्रोजेक्ट जागृति के तहत हुए इस अभियान में जिले के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने भाग लेकर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग दिया।
शिविरों में जिले के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इनके साथ शिक्षक, जनवितरण प्रणाली के डीलर और अभियंता भी रक्तदान के लिए आगे आए। अभियान में विभिन्न विभागों तथा पेशों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, पुलिस जवानों और महाविद्यालय की छात्राओं ने भी रक्तदान किया। इससे अभियान में सरकारी तंत्र के साथ सामाजिक समूहों और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी भी दर्ज हुई। आयोजकों के अनुसार, समाज के सभी वर्गों के लोगों ने इसमें उत्साह दिखाया।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से रक्तदाताओं को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों को कॉफी मग, टी-शर्ट और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में रक्त संग्रह के साथ नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने पर भी ध्यान रहा।
अभियान में शामिल रक्तदाताओं ने रक्तदान को ऐसा सामाजिक कार्य बताया, जिसके माध्यम से बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में प्रत्यक्ष योगदान किया जा सकता है। कार्यक्रम ने रक्त की आवश्यकता को पूरा करने में सामुदायिक भागीदारी की भूमिका को सामने रखा।
एक दिन के इस आयोजन में 553 यूनिट का संग्रह जिले में समन्वित रक्तदान प्रयास का प्रमुख परिणाम रहा। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर छात्राओं और स्वयं सहायता समूहों तक की भागीदारी ने अभियान को व्यापक बनाया, जबकि सम्मान कार्यक्रम के जरिए रक्तदाताओं के योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता दी गई।