चाईबासा के श्रद्धानंद विद्यालय में सदर प्रखंड के 162 चिह्नित बच्चों की आंखों और दृष्टि की जांच की गई। जांच के बाद 105 बच्चों को चश्मा लगाने की सलाह दी गई है। इन बच्चों को पश्चिमी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य समिति के अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम की ओर से निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा।
जांच के लिए शामिल बच्चों की पहचान सदर प्रखंड के शिक्षकों ने की थी। इसके बाद सभी चिह्नित बच्चों को नेत्र एवं चश्मा जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जांचे गए कुल बच्चों में से आधे से अधिक को दृष्टि सुधारने के लिए चश्मे की जरूरत बताई गई है।
नेत्र जांच सदर अस्पताल, चाईबासा के नेत्र पदाधिकारी डॉ. मनोज सिंह मुंडा ने की। इस दौरान साइट सेवर्स के जिला कार्यक्रम समन्वयक बासुदेव नायक भी शामिल रहे। दोनों ने बच्चों की आंखों की जांच के साथ यह आकलन किया कि किन बच्चों को चश्मा लगाने की आवश्यकता है।
जांच में चश्मे की सलाह पाने वाले सभी 105 बच्चों के लिए निःशुल्क चश्मे की व्यवस्था जिला स्वास्थ्य समिति के अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के माध्यम से की जाएगी। उपलब्ध जानकारी में चश्मों के वितरण की तारीख या अलग कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया गया है।
यह जांच अभियान विद्यालय स्तर पर शिक्षकों द्वारा बच्चों को चिह्नित करने और स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से उनकी जांच कराने की समन्वित प्रक्रिया के रूप में सामने आया। कार्यक्रम का केंद्र उन बच्चों की पहचान करना रहा, जिन्हें देखने में सहायता के लिए चश्मे की जरूरत है। अब संबंधित बच्चों को परामर्श के अनुसार चश्मा उपलब्ध कराया जाना है।