चाईबासा रेलवे कॉलोनी में जर्जर क्वार्टर और सुरक्षा व्यवस्था पर कर्मचारियों ने उठाई चिंता

रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों ने जर्जर आवासों, बाउंड्री वॉल की कमी तथा मरम्मत में देरी से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है।

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चाईबासा रेलवे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों ने जर्जर क्वार्टरों तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस तृणमूल कांग्रेस के पदाधिकारी जहांगीर हक के चाईबासा रेलवे स्टेशन और कॉलोनी के दौरे के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं।

कर्मचारियों का कहना है कि निर्धारित समय-सीमा पूरी कर चुके कई आवासों में अब भी रेलकर्मी और उनके परिजन रह रहे हैं। उनका आरोप है कि क्वार्टरों की लंबे समय से समुचित मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे वहां रहने वाले परिवारों को जोखिम के बीच दैनिक जीवन बिताना पड़ रहा है।

रेलवे कॉलोनी के कॉरिडोर और आसपास बाउंड्री वॉल नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों के अनुसार, खुली सीमा के कारण परिसर में सांप-बिच्छुओं के आने की आशंका रहती है और असामाजिक तत्वों से सुरक्षा को लेकर भी परेशानी बनी हुई है। रात की ड्यूटी पर आने-जाने वाले कर्मचारियों और उनके परिजनों ने इसे विशेष चिंता का विषय बताया।

कर्मचारियों ने चाईबासा रेलवे स्टेशन के दूसरे छोर पर कुछ वर्ष पहले बने अपार्टमेंट मॉडल क्वार्टरों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि वहां भी बाउंड्री वॉल नहीं होने से सुरक्षा संबंधी समस्याएं दूर नहीं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि इसकी जानकारी संबंधित रेलवे अधिकारियों को कई बार दी गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका।

जहांगीर हक ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि क्वार्टरों की मरम्मत और बाउंड्री वॉल के निर्माण का विषय चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम, सीनियर डीईएन और संबंधित विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने इन कार्यों को जल्द शुरू कराने के लिए अधिकारियों से वार्ता करने की बात कही।

दौरे से लौटते समय उन्होंने स्थानीय सामाजिक और संगठनात्मक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र से जुड़ी जनहित की समस्याओं पर चर्चा हुई। फिलहाल कर्मचारियों की मांग है कि रेलवे कॉलोनी के आवासों की स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य शीघ्र कराए जाएं।