रांची जिले के चान्हो प्रखंड स्थित किसान भवन में बुधवार को आयोजित मेगा वित्तीय समावेशन संतृप्ति शिविर में बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित कुल 2,771 गतिविधियां पूरी की गईं। शिविर का उद्देश्य लक्षित पंचायतों के पात्र लोगों तक औपचारिक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना और उन्हें केंद्र सरकार की वित्तीय योजनाओं से जोड़ना था।
शिविर में सबसे अधिक 1,267 बैंक खातों की री-केवाईसी की गई। इसके अलावा 65 सी-केवाईसी और 86 खातों में नॉमिनेशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हुई। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 151 पात्र लोगों को शामिल करने संबंधी गतिविधियां भी की गईं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत 681 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा 452 लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जोड़ा गया। अटल पेंशन योजना के तहत भी 69 लोगों को आच्छादित किया गया। इस तरह शिविर में खाता संबंधी सेवाओं के साथ बीमा और पेंशन पर भी ध्यान केंद्रित रहा।
कार्यक्रम का संयोजन बैंक ऑफ इंडिया और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, झारखंड ने किया। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक की रांची क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्र, बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक एवं एसएलबीसी झारखंड के संयोजक गुरु प्रसाद गोंड और आरबीआई की उप महाप्रबंधक कुमकुम वर्मा सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी शामिल हुए। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैंक खातों को सक्रिय और अद्यतन रखने के उद्देश्य से शिविर में री-केवाईसी पर विशेष जोर दिया गया। बीमा योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लाभार्थियों के बीच सांकेतिक चेक भी बांटे गए तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों की पहचान और योजनाओं से उनके जुड़ाव के लिए बैंकों, अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय की जरूरत बताई गई। अधिकारियों ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लोगों को बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने पर जोर दिया।