गढ़वा में पशुधन विकास योजनाओं के लाभुकों की सूची मंजूर, समय पर लाभ देने का निर्देश

गढ़वा की जिला स्तरीय समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पशुधन विकास और जोड़ा बैल वितरण योजनाओं के चयनित लाभुकों की सूची को अनुमोदित किया।

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गढ़वा समाहरणालय में पशुधन विकास योजनाओं की समीक्षा करती जिला स्तरीय समिति

गढ़वा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना और राज्य योजना के तहत जोड़ा बैल वितरण योजना के चयनित लाभुकों की सूची मंजूर कर दी गई है। समाहरणालय में उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में प्रखंडों से प्राप्त सूचियों की समीक्षा के बाद अनुमोदन दिया गया।

बैठक में पशुपालन प्रभाग की अलग-अलग योजनाओं की प्रगति भी रखी गई। अधिकारियों ने बकरा विकास योजना के 524, सूकर विकास योजना के 126, ब्रायलर कुक्कुट योजना के 207 और बैकयार्ड लेयर कुक्कुट योजना के 109 लाभुकों से संबंधित भौतिक प्रगति की जानकारी समिति को दी।

इसके अलावा बतख चूजा वितरण योजना के 302, भेड़ पालन योजना के 81 और जोड़ा बैल योजना के 47 लाभुकों की स्थिति पर चर्चा हुई। समिति ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया की समीक्षा की।

गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं में दो गाय योजना के 231, पांच गाय योजना के 60 और दस गाय योजना के 13 लाभुकों की जानकारी प्रस्तुत की गई। मिल्किंग मशीन, पनीर एवं खोवा बनाने की मशीन, काउ मैट, हस्तचालित तथा विद्युत चालित उपकरण, वर्मी कंपोस्ट और डीप बोरिंग योजनाओं की प्रगति से भी समिति को अवगत कराया गया।

उपायुक्त ने अधिकारियों को पात्रता और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वास्तविक लाभुकों तक पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभ देने में अनावश्यक देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए और योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में बताया गया कि पशुपालन और गव्य विकास की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, पशुपालकों की आय बढ़ाना और परिवारों के लिए स्वरोजगार के अवसर तैयार करना है। समीक्षा में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी तथा पशुपालन, गव्य विकास, कल्याण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।