पलामू के डालटनगंज स्थित चियांकी हवाईपट्टी के विकास और क्षेत्रीय उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में नई संभावना बनी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम को भेजे पत्र में बताया है कि झारखंड सरकार उड़ान योजना के अगले चरण में चैलेंज मोड फ्रेमवर्क के तहत इस हवाईपट्टी का प्रस्ताव दे सकती है।
सांसद ने 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में नियम 377 के तहत चियांकी हवाईपट्टी के विकास और वहां से नियमित वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने का विषय उठाया था। केंद्रीय मंत्री का उत्तर मिलने के बाद उन्होंने पत्र में दी गई जानकारी साझा की है।
पत्र के मुताबिक, क्षेत्रीय संपर्क योजना आरसीएस-उड़ान के चरण 4.2 में डालटनगंज की चियांकी हवाईपट्टी को विकास और क्षेत्रीय उड़ानों के संचालन के लिए चिह्नित किया गया था। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण विकास की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
उड़ान योजना के अगले चरण में शामिल चैलेंज मोड व्यवस्था के अंतर्गत राज्य सरकार अपनी क्षेत्रीय हवाई संपर्क जरूरतों के अनुसार किसी हवाईपट्टी को विकास के लिए नामित कर सकती है। इसी प्रक्रिया में झारखंड सरकार आवश्यक दस्तावेजों के साथ चियांकी हवाईपट्टी का प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।
प्रस्ताव मिलने के बाद निर्धारित पात्रता और परियोजना की तैयारी से जुड़े मानकों के आधार पर उसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसलिए हवाईपट्टी का विकास या नियमित उड़ानों की शुरुआत अभी तय नहीं है; आगे की प्रगति राज्य सरकार के प्रस्ताव, भूमि और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा मूल्यांकन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
चियांकी हवाईपट्टी विकसित होने और वाणिज्यिक सेवा शुरू होने की स्थिति में पलामू, गढ़वा तथा आसपास के क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। सांसद ने इसे व्यापार, पर्यटन, निवेश और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए राज्य सरकार से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहल की उम्मीद जताई है।