पलामू में धान की फसल तैयार होने और कटाई शुरू होने के बीच मौसम में आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को पलामू प्रमंडल में बारिश हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से सतर्क रहने और खेतों से पानी निकालने की समुचित व्यवस्था रखने को कहा है।
पूर्वानुमान में पलामू के साथ गढ़वा और लातेहार में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ भारी वर्षा होने की आशंका भी है। इसका असर खेतों में खड़ी धान की फसल तथा टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी, बैंगन, मिर्च और आलू जैसी सब्जियों पर पड़ सकता है।
मेदिनीनगर, डालटनगंज, चैनपुर, हुसैनाबाद और लेस्लीगंज समेत जिले के कई क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से बादल छाए रहे। दिन भर धूप नहीं निकली और दोपहर तक कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। बदले मौसम के बीच लोगों ने उमस के साथ हल्की ठंड भी महसूस की।
चियांकी स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश साह ने बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का प्रभाव झारखंड में पड़ने की संभावना बताई है। केंद्र ने एहतियात के तौर पर अपनी फसलों की सिंचाई बंद कर दी है और अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था की है।
केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.एन. सिंह ने किसानों को घबराने के बजाय सावधानी अपनाने की सलाह दी है। उनके अनुसार बारिश से रबी फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और जिन किसानों का धान कटाई के लिए तैयार है, उन्हें कटाई दो दिन के लिए टालनी चाहिए।