चौपारण के स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम और जीएनएम की तैनाती बदली, स्थानांतरण सूची जारी

हजारीबाग के चौपारण प्रखंड में सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत कई एएनएम व जीएनएम स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण और प्रतिस्थापन किया गया है।

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चौपारण के स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम और जीएनएम कर्मचारियों की बदली गई तैनाती

हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की तैनाती में व्यापक फेरबदल किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत कई एएनएम तथा जीएनएम स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानांतरण और प्रतिस्थापन की सूची जारी हुई है। बदलाव में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित कर्मचारी भी शामिल हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण में जीएनएम स्तर पर सुमन केरकेट्टा, सुमंती कुमारी, संजू कुमारी और सुशाना केरकेट्टा को अलग-अलग कर्मियों के स्थान पर जिम्मेदारी दी गई है। इसी केंद्र में एएनएम की तैनाती भी बदली गई है। यहां सुनीता कुमारी, विमला कुमारी, सोनी कुमारी, रंजू कुमारी और रेणुका स्वांसी को प्रतिस्थापन के तहत पदस्थापित किया गया है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बेढ़ना में पूनम कुमारी को आरती कुमारी की जगह जिम्मेदारी मिली है। चयकला केंद्र में प्रीति कुमारी, आरती कुमारी और सोनी गुप्ता की तैनाती की गई है। भूसणडीह में नीलम कुमारी और काजल कुमारी को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ठूठी स्थित केंद्र में संध्या सिंह, प्रिया कुमारी और वंदना कुमारी को पदस्थापित किया गया है। टिंटही में प्रेमलता तथा इंदु कुमारी की तैनाती हुई है, जबकि पांडेयबारा में बबीता कुमारी को जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों से प्रखंड के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की मौजूदा तैनाती का स्थान बदला है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसरिया में इंदु कुमारी और सुषमा कुमारी को प्रतिस्थापन के तहत जिम्मेदारी मिली है। रामपुर में उर्मिला कुमारी तथा अंबाजीत में सुनीता कुमारी और सुलेखा सिन्हा की तैनाती की गई है। दनुआ में श्वेता राणा व बेबी कुमारी, जबकि दुरागढ़ा में रेणु कुमारी और मीना साहा को पदस्थापित किया गया है।

जारी सूची में हजारीधमना, सेलहरा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करमा से संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानांतरण का भी उल्लेख है। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित केंद्रों पर एएनएम और जीएनएम कर्मियों की जिम्मेदारियां नई तैनाती के अनुसार संचालित होंगी। स्थानीय स्तर पर इससे विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मियों की उपलब्धता और कार्य-वितरण बेहतर होने की उम्मीद जताई गई है।