लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड स्थित सढ़ाबे गांव में ऐतिहासिक सोंगारी पहाड़ जतरा उत्साह के साथ आयोजित किया गया। करीब एक हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर लगे इस पारंपरिक मेले में कैरो और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पहुंचे। प्राकृतिक परिवेश के बीच हुए आयोजन में स्थानीय परंपराओं और सामुदायिक भागीदारी की प्रमुख झलक दिखाई दी।
जतरा में पहुंचे लोगों ने पहाड़ की चढ़ाई के साथ पारंपरिक उत्सव का आनंद लिया। सोंगारी पहाड़ पर आयोजन होने के कारण यह जतरा क्षेत्र के दूसरे ग्रामीण मेलों से अलग पहचान रखता है। स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इसे ग्रामीण मेलजोल और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े सामूहिक आयोजन का स्वरूप दिया।
इस अवसर पर विभिन्न खोड़हा दल भी शामिल हुए। दलों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के माध्यम से स्थानीय लोक संस्कृति प्रस्तुत की। अलग-अलग गांवों से आए प्रतिभागियों की मौजूदगी के कारण जतरा में क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक एकजुटता देखने को मिली।
आयोजन समिति ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले खोड़हा दलों और अतिथियों को सम्मानित किया। समिति से जुड़े लोगों ने जतरा की परंपरा को आगे बढ़ाने में ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण माना। यह आयोजन प्रत्येक वर्ष लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़ने का अवसर देता है।
जतरा में कैरो प्रखंड की उप प्रमुख सीमा भगत और मुखिया सुमित्रा उरांव मौजूद रहीं। इनके अलावा जगबंधन भगत, लाखो उरांव, मंगरा उरांव, विजय एक्का और किशोर उरांव समेत अन्य स्थानीय लोगों ने भी आयोजन में भाग लिया। ग्रामीणों और विभिन्न दलों की उपस्थिति से पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बना रहा।