जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में बीच रास्ते रुकी लिफ्ट, मरीज और परिजन फंसे

एमजीएम अस्पताल की एक लिफ्ट अचानक रुकने से उसमें सवार मरीजों और परिजनों को परेशानी हुई। करीब 15 से 20 मिनट के प्रयास के बाद सभी को बाहर निकाला गया।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल की इमारत और लिफ्ट सुविधा

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में शनिवार को एक लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई। उस समय लिफ्ट में मरीज और उनके परिजन सवार थे। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी की स्थिति बनी और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लिफ्ट में करीब 20 से 25 लोग मौजूद थे। इसे दोबारा खोलने और यात्रियों को सुरक्षित निकालने में लगभग 15 से 20 मिनट लगे। उपलब्ध विवरण में किसी के घायल होने की सूचना नहीं दी गई है, लेकिन उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे लोगों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।

यह घटना अस्पताल में उपलब्ध लिफ्टों के रखरखाव और संचालन की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाती है। एमजीएम को कोल्हान का बड़ा सरकारी अस्पताल बताया गया है, जहां बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर परेशानी वाले मरीजों के लिए एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचने में लिफ्ट महत्वपूर्ण सुविधा है।

जून में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अस्पताल परिसर में कुल 16 लिफ्ट थीं और उनमें से 12 खराब बताई गई थीं। उस समय केवल चार लिफ्टों के चालू होने की बात कही गई थी। इसके कारण मरीजों और कर्मचारियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा था तथा दवाओं की पेटियां भी सीढ़ियों से ले जाई जा रही थीं।

पहले प्रकाशित विवरण में अस्पताल प्रबंधन की ओर से सभी लिफ्टों के लिए तीन वर्ष का रखरखाव समझौता कराने की प्रक्रिया चलने की जानकारी दी गई थी। ताजा घटना के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि उस प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति क्या है या शनिवार को रुकी लिफ्ट में तकनीकी खराबी किस वजह से आई।

अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए चालू लिफ्टों की नियमित जांच और खराब इकाइयों की मरम्मत अहम है। शनिवार की घटना ने विशेष रूप से उन मरीजों की कठिनाई सामने रखी है, जिनके लिए सीढ़ियों का उपयोग करना आसान नहीं होता।