जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों की 1,990 छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। बिष्टुपुर स्थित एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने छात्राओं को संबोधित किया और उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें तथा उनके परिजनों को बधाई दी।
समारोह में अलग-अलग संकायों की 54 मेधावी छात्राओं को स्वर्ण पदक, चांसलर मेडल और अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की चयनित छात्राओं को रेखा झा मेमोरियल मेडल भी प्रदान किया गया।
विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार चार शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इस उपलब्धि ने दीक्षांत समारोह को संस्थान के लिए विशेष अवसर बनाया। उपाधि और सम्मान पाने वाली छात्राओं से अपनी शिक्षा तथा प्रतिभा का उपयोग समाज और देश के विकास में करने की अपेक्षा की गई।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की बेटियों में शिक्षा की व्यापक क्षमता है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए डिग्री के साथ नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच का होना जरूरी है।
कार्यक्रम में सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार, शिक्षक और छात्राएं उपस्थित थीं। समारोह के दौरान सफल छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों को औपचारिक रूप से मान्यता दी गई।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय राज्य में छात्राओं के लिए स्थापित पहला विश्वविद्यालय है और इसका परिसर सिद्धगोड़ा क्षेत्र में स्थित है। दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में डिग्रियां और पुरस्कार दिए जाने के साथ विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा तथा शोध गतिविधियों की प्रगति भी सामने आई।