जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में शुरू होगा पत्रकारिता का पीजी कोर्स, स्पेस स्टार्टअप पर भी जोर

चौथे दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय ने पत्रकारिता का एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने और अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप की संभावनाओं पर काम करने की योजना साझा की।

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जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के चौथे दीक्षांत समारोह का आयोजन

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी ने छात्राओं के लिए नए शैक्षणिक और उद्यमिता अवसर बढ़ाने की दिशा में अपनी आगामी योजनाएं सामने रखी हैं। मंगलवार को आयोजित चौथे दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय ने मास कम्युनिकेशन के अंतर्गत पत्रकारिता का एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी। इसके साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए। सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. एला कुमार ने कार्यक्रम के दौरान संस्थान की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया।

कुलपति के अनुसार, अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए विश्वविद्यालय ने स्पेस किड्स इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन किया है। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और छात्राओं को उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि नए पाठ्यक्रमों और साझेदारियों के माध्यम से छात्राओं को बदलती पेशेवर जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित पत्रकारिता पीजी कोर्स भी इसी योजना का हिस्सा है। उपलब्ध विवरण में पाठ्यक्रम के प्रवेश, सीटों, शुल्क या शुरुआत की निश्चित समय-सारिणी की घोषणा नहीं की गई है।

दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में पूर्ण अभ्यास किया गया था। इस दौरान बैठने की व्यवस्था, मंच संचालन और कार्यक्रम से जुड़ी अन्य तैयारियों का जायजा लिया गया। राज्यपाल की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की भी प्रशासनिक समीक्षा की गई थी।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजन स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। समारोह में भाग लेने वाले डिग्रीधारकों के लिए प्रवेश द्वार पर 200 रुपये शुल्क लेकर गाउन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, जबकि इससे पहले ऑनलाइन भुगतान का विकल्प भी रखा गया था।