जामताड़ा जिला प्रशासन नीट और आईआईटी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए जल्द नि:शुल्क कक्षाएं शुरू करेगा। विशेषज्ञ शिक्षक चयनित विद्यार्थियों को विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद पढ़ाएंगे। विद्यार्थियों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा, ताकि जिले में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधा मिल सके।
यह जानकारी समाहरणालय सभागार में उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में दी गई। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े और उन्हें जामताड़ा में ही आवश्यक फैकल्टी उपलब्ध हो।
बैठक में जिले के शैक्षणिक प्रदर्शन, पठन-पाठन की स्थिति और अलग-अलग सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की गई। ऑनलाइन पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन और अपार आईडी बनाने की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र सुधार करने का निर्देश दिया गया।
सभी विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और बैठकों की कार्रवाई जिला स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश मिला। प्रोजेक्ट रेल, यू-डाइस अपडेट, स्प्लिट सिलेबस और सीपीडी प्रशिक्षण से जुड़े काम में भी प्रदर्शन सुधारने को कहा गया।
उपायुक्त ने जिला प्रशासन की पहल प्रोजेक्ट प्रज्ञान के तहत उच्च विद्यालयों में चल रही ऑनलाइन कक्षाओं की भी समीक्षा की। बिजली बाधित होने पर पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बैटरी और इनवर्टर की वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। शिक्षकों से ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।
समीक्षा में करीब 37 विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन लंबित पाया गया। प्रशासन ने इन विद्यालयों में प्रक्रिया जल्द पूरी करने तथा ग्रामीण स्तर पर विवाद होने की स्थिति में पुलिस की मौजूदगी में गठन कराने को कहा। इसके अलावा सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में सभी योग्य लाभार्थियों का नामांकन, विद्यालयों की जमीन से अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य समयबद्ध तथा प्राक्कलन के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए गए।