जामताड़ा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मेसर्स मणि मनीष हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। प्रस्ताव के अनुसार, यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 420 बेड का अस्पताल विकसित किया जाना है।
आशय पत्र पर हस्ताक्षर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा उपस्थित थे। विभाग की योजना जामताड़ा सदर अस्पताल को उन्नत कर 420 बेड की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज अस्पताल बनाने की है।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अनुसार, परियोजना के लिए निविदा निकाली गई थी और एक रुपये की सांकेतिक राशि पर आशय पत्र हुआ है। परियोजना से जुड़े समूह में मणि मनीष हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड प्रमुख सदस्य है। इसके साथ आई केयर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च तथा डॉ. विधानचंद्र राय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने पहले चरण में चार जिलों—खूंटी, जामताड़ा, धनबाद और गिरिडीह—में मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने की योजना बनाई है। जामताड़ा की परियोजना इसी चरण का हिस्सा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज अस्पताल का शिलान्यास जल्द किया जाएगा। हालांकि, इसकी निश्चित तारीख की जानकारी अभी नहीं दी गई है।
नए संस्थान में चिकित्सा शिक्षा के शुल्क निर्धारण के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम का शुल्क तय करने के लिए जल्द शुल्क निर्धारण समिति बनाई जाएगी। उनके मुताबिक, वर्तमान समिति सक्रिय नहीं है।
आशय पत्र परियोजना की शुरुआती औपचारिक प्रगति को दर्शाता है। अब आगे की प्रक्रिया में सदर अस्पताल के उन्नयन, मेडिकल कॉलेज की स्थापना और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े चरण पूरे किए जाने हैं। उपलब्ध जानकारी में निर्माण शुरू होने, पाठ्यक्रम आरंभ होने या प्रवेश प्रक्रिया की समयसीमा घोषित नहीं की गई है।