रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग की नियुक्ति प्रक्रियाएं फिलहाल ठप रहने से कई विभागों के महत्वपूर्ण पद नहीं भरे जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोग की 22 परीक्षाएं रद्द और करीब आधा दर्जन परीक्षाएं स्थगित होने के बाद विभाग अब तात्कालिक जरूरतों के लिए अनुबंध आधारित नियुक्ति का विकल्प देख रहे हैं।
लंबित प्रक्रियाओं में राज्य के मेडिकल कॉलेजों के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती भी शामिल है। इन विभागों के कुल 90 पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए आयोग आवेदन मंगा चुका है। इस भर्ती परीक्षा को सरकार ने न तो रद्द किया है और न स्थगित, लेकिन मौजूदा स्थिति में इसके आयोजन में देरी की आशंका जताई गई है।
मेडिकल कॉलेजों की हालिया समीक्षा के दौरान प्राचार्यों ने शिक्षकों की कमी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी थी। नियमित भर्ती में हो रही देरी को देखते हुए विभाग ने चिकित्सकों की अनुबंध आधारित नियुक्ति के लिए नियमावली तैयार की है। समीक्षा के क्रम में कॉलेजों को अनुबंध से नियुक्ति करने का सुझाव भी दिया गया।
आयोग के स्तर पर आयुष चिकित्सकों की भर्ती भी काफी समय से लंबित बताई गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक होम्योपैथी चिकित्सा पदाधिकारी के 137, आयुर्वेद चिकित्सा पदाधिकारी के 207 और यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी के 78 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। इन पदों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी भर्ती प्रभावित है।
स्वास्थ्य विभाग के अलावा कुछ अन्य विभाग भी आवश्यक पदों को तत्काल व्यवस्था के तहत अनुबंध से भरने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि किन विभागों में कितने पद इस तरीके से भरे जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। नियमित नियुक्ति और अनुबंध वाली व्यवस्था की समयसीमा भी अभी स्पष्ट नहीं है।
आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति नहीं होना प्रक्रिया रुकने का एक अन्य कारण बताया गया है। अध्यक्ष का पद 21 जुलाई से रिक्त है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति होने के बाद ही आयोग में लंबित भर्ती प्रक्रियाएं आगे बढ़ सकेंगी। इससे नियमित पदों की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के साथ संबंधित विभागों की प्रशासनिक जरूरतें भी जुड़ी हुई हैं।