जैक की 2027 परीक्षाओं के फॉर्म में पेन और यू-डाइस कोड अनिवार्य, 30 सितंबर तक डेटा अपलोड का निर्देश

मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षा के पंजीयन व फॉर्म के लिए विद्यार्थियों का पेन और संस्थान का यू-डाइस कोड जरूरी होगा। स्कूलों को 30 सितंबर तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी है।

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कोडरमा में वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म संबंधी नई व्यवस्था

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वर्ष 2027 में होने वाली मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षाओं के पंजीयन तथा परीक्षा फॉर्म से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की है। अब विद्यार्थियों का परमानेंट एजुकेशन नंबर यानी पेन और संबंधित शिक्षण संस्थान का यू-डाइस कोड अनिवार्य होगा। इनमें से कोई विवरण उपलब्ध नहीं रहने पर पंजीयन और परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह निर्देश कोडरमा सहित राज्य के सभी स्कूलों के लिए जारी किया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश के बाद प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों को 30 सितंबर तक विद्यार्थियों का पेन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए स्कूलों को प्रत्येक विद्यार्थी का आवश्यक डेटा तय समय के भीतर यू-डाइस पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

पोर्टल पर विद्यार्थी की जानकारी दर्ज होने के बाद पेन अपने आप तैयार होता है। ऐसे में स्कूलों को डेटा अपलोड करने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी विद्यार्थी का विवरण छूटे नहीं। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना और परीक्षा संबंधी अभिलेखों को एकीकृत करना है।

काउंसिल के अनुसार, पेन और यू-डाइस कोड के इस्तेमाल से एक ही विद्यार्थी के दोहरे पंजीयन पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी। इससे शैक्षणिक आंकड़ों को अधिक सटीक रखने तथा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी बेहतर करने की भी उम्मीद है। विद्यार्थियों से जुड़े संगठित आंकड़े शिक्षा योजनाएं तैयार करने में उपयोगी हो सकते हैं।

कोडरमा जिले में हर साल लगभग 25 से 30 हजार विद्यार्थी मैट्रिक, इंटर और मदरसा परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरते हैं। इसलिए नई शर्त का जिले के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों पर सीधा असर पड़ेगा। समय पर पेन तैयार नहीं होने की स्थिति में संबंधित विद्यार्थी का परीक्षा फॉर्म जमा नहीं हो सकेगा।

जिन संस्थानों के पास अभी यू-डाइस कोड नहीं है, उन्हें झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से तत्काल कोड प्राप्त करने को कहा गया है। कुछ संस्थान अब तक आसपास के मान्यता प्राप्त स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों के फॉर्म भरवाने का प्रयास करते रहे हैं, लेकिन नई व्यवस्था में ऐसी प्रक्रिया के दौरान भी पेन और यू-डाइस कोड जरूरी रहेगा। स्कूलों के लिए अब 30 सितंबर की समयसीमा के भीतर डेटा और संस्थागत कोड की स्थिति दुरुस्त करना अहम होगा।