देवघर। झारखंड में बोर्ड परीक्षाओं के पंजीयन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के नए निर्देश के अनुसार, अब पंजीयन के समय विद्यालय का यू-डायस कोड और विद्यार्थी का स्थायी शिक्षा नंबर यानी पीईएन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इनमें से कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर विद्यार्थी का पंजीयन नहीं किया जाएगा।
विभागीय सचिव उमाशंकर सिंह ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव को पत्र भेजकर इस व्यवस्था से संबंधित आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। नया नियम जैक से मान्यता प्राप्त सभी उच्च विद्यालयों, इंटरमीडिएट कॉलेजों, मदरसों और संस्कृत बोर्ड के संस्थानों पर लागू होगा।
निर्देश का दायरा केवल दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। कक्षा आठवीं के साथ मध्यमा, वस्तानिया और फौकानिया समेत विभिन्न परीक्षाओं के पंजीयन में भी दोनों पहचान संख्याएं दर्ज करनी होंगी। इससे संबंधित संस्थानों को पंजीयन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने अभिलेखों की जांच करनी पड़ेगी।
यू-डायस कोड किसी विद्यालय की विशिष्ट पहचान संख्या है, जबकि पीईएन प्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी शैक्षणिक पहचान बताता है। विभाग के मुताबिक, इन दोनों विवरणों को अनिवार्य करने से विद्यालयों और विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने तथा परीक्षा संबंधी आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य अपात्र विद्यार्थियों और दोहरे पंजीयन पर रोक लगाना भी है। विभाग का मानना है कि सही पहचान संख्याओं के आधार पर विद्यार्थियों का सटीक आंकड़ा तैयार किया जा सकेगा। इससे शैक्षणिक रिकॉर्ड के प्रबंधन और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं बनाने में भी सुविधा होने की उम्मीद है।
मान्यता प्राप्त विद्यालयों को विद्यार्थियों के पीईएन और अपने यू-डायस कोड की जानकारी समय रहते दुरुस्त रखने को कहा गया है। जिन मान्यता प्राप्त संस्थानों को अभी तक यू-डायस कोड नहीं मिला है, उन्हें इसे तत्काल प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। पंजीयन के दौरान दोनों विवरणों की अनिवार्यता का पालन संस्थानों को सुनिश्चित करना होगा।