झारखंड एसआईआर: निस्तारण में लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम आगे, कई जिलों में बड़ी संख्या में मामले लंबित

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में तीन श्रेणियों की प्रगति साझा की गई। लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि कई जिलों में निस्तारण की रफ्तार धीमी दर्ज हुई।

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रांची में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रगति पर आयोजित बैठक

रांची में सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोटिस, दावा-आपत्ति, सुनवाई और मामलों के निस्तारण की स्थिति साझा की। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर को होना है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर तक ‘नो मैपिंग’ श्रेणी के 14,04,033 मामलों में से 3,89,248 का निस्तारण कर विवरण अपलोड किया गया। इस श्रेणी में प्रगति 27.72 प्रतिशत रही और 10,14,785 मामले शेष थे। ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ के 45,49,961 मामलों में से 20,35,968 का निस्तारण और ईसीआईनेट पर अद्यतन हुआ, जबकि 25,13,993 मामले लंबित रहे।

‘अन्य’ श्रेणी में प्रगति अपेक्षाकृत अधिक रही। कुल 1,61,65,853 मामलों में से 1,38,80,904 का निस्तारण कर ईसीआईनेट ऐप पर अद्यतन किया गया। यह 85.87 प्रतिशत प्रगति है, जबकि 22,84,949 मामलों का काम बाकी बताया गया।

जिलावार आंकड़ों में लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम तीनों श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के निस्तारण में लोहरदगा 98.57 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम 94.78 प्रतिशत के साथ आगे रहे। इसी श्रेणी में गोड्डा की प्रगति 19.46 प्रतिशत, पाकुड़ की 20.69 प्रतिशत और गढ़वा की 23.51 प्रतिशत दर्ज की गई।

नो मैपिंग मामलों में लोहरदगा ने 67.92 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम ने 60.12 प्रतिशत निस्तारण किया। कोडरमा 4.49 प्रतिशत, पलामू 5.28 प्रतिशत और गिरिडीह 11.21 प्रतिशत के साथ निचले स्थानों पर रहे। विधानसभा स्तर पर चक्रधरपुर की प्रगति 85.47 प्रतिशत रही, जबकि छतरपुर में 1.91 प्रतिशत निस्तारण दर्ज हुआ।

अन्य श्रेणी में लोहरदगा ने शत-प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम ने 99.91 प्रतिशत निस्तारण दर्ज किया। इसके विपरीत धनबाद में 65.06 प्रतिशत और चतरा में 69.47 प्रतिशत प्रगति रही। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को शुद्ध, समावेशी तथा त्रुटिरहित बनाना निर्वाचन प्रक्रिया की प्राथमिकता है।