रांची में शिक्षा विभाग ने ‘आईसीटी चैंपियनशिप: झारखंड ई-शिक्षा महोत्सव 2026’ में विद्यार्थियों की कम भागीदारी पर नाराजगी जताई है। नौ और 10 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम से राज्य के 85 प्रतिशत स्कूल जुड़े, लेकिन नौवीं और दसवीं कक्षा के केवल 24 प्रतिशत विद्यार्थी ही इसमें शामिल हो सके।
विभाग के आकलन के अनुसार, कई स्कूलों में चैंपियनशिप आयोजित नहीं की गई। कुछ विद्यालयों में आयोजन तो हुआ, लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थिति बेहद कम रही। इसके बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने सभी जिलों को स्कूल स्तर पर स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
जिलों से कहा गया है कि स्कूलों में उपलब्ध कंप्यूटर लैब की क्षमता के अनुरूप विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। निर्देश का उद्देश्य यह देखना है कि आईसीटी से जुड़ी उपलब्ध सुविधाओं का पूरा उपयोग हो और अधिक छात्र-छात्राएं ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकें।
जिलावार आंकड़ों में खूंटी की भागीदारी सबसे अधिक रही। वहां नौवीं और दसवीं कक्षा के 50.8 प्रतिशत विद्यार्थी शामिल हुए। सिमडेगा में यह अनुपात 47.3 प्रतिशत और लोहरदगा में 43 प्रतिशत दर्ज किया गया।
दूसरी ओर, साहिबगंज में केवल 15.8 प्रतिशत विद्यार्थियों की भागीदारी रही, जो जिलों में सबसे कम बताई गई है। लातेहार में 16.6 प्रतिशत, देवघर में 17 प्रतिशत, चतरा में 19 प्रतिशत और पलामू में 19.4 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।
राज्य में नौवीं कक्षा के कुल 3,33,116 विद्यार्थियों में से 86,478 कार्यक्रम में शामिल हुए। दसवीं कक्षा में दर्ज 3,24,305 विद्यार्थियों में से 77,315 ने भागीदारी की। अब जिलों और स्कूलों की समीक्षा से यह स्पष्ट किया जाना है कि कम उपस्थिति किन स्तरों पर रही और उपलब्ध कंप्यूटर लैब के अनुरूप भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या व्यवस्था की जा सकती है।