रांची: झारखंड की सभी 28 बाजार समितियों में दुकानों और गोदामों का किराया एक नवंबर से बढ़ जाएगा। झारखंड राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने 24 सितंबर को निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद इसकी अधिसूचना जारी की है। नई व्यवस्था में बाजार समितियों को तीन श्रेणियों में बांटकर प्रति वर्गफुट न्यूनतम किराया निर्धारित किया गया है।
ए श्रेणी में रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर की बाजार समितियां शामिल हैं। इनके लिए मासिक किराया नौ रुपये प्रति वर्गफुट तय किया गया है। बी श्रेणी में हजारीबाग सहित 14 और सी श्रेणी में खूंटी सहित 10 बाजार समितियों को रखा गया है। उपलब्ध विवरण में इन दोनों श्रेणियों की निर्धारित दरें नहीं बताई गई हैं।
विपणन बोर्ड के अध्यक्ष रवींद्र सिंह के अनुसार, नई दरों का निर्धारण 2019 के एक निर्णय के आधार पर हुआ है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य बाजार समितियों को आत्मनिर्भर और संसाधनयुक्त बनाना है, ताकि कम आय के कारण कर्मचारियों का वेतन देने में कठिनाई झेल रही समितियों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सके।
रांची के पंडरा बाजार में दुकानों और गोदामों का किराया पांच रुपये से बढ़ाकर नौ रुपये प्रति वर्गफुट किया गया है, जिसे करीब 80 प्रतिशत की वृद्धि बताया गया है। धनबाद में मौजूदा चार रुपये की दर के स्थान पर नौ रुपये प्रति वर्गफुट देने होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, वहां यह बढ़ोतरी 125 प्रतिशत तक है।
नई दरों का व्यवसायियों ने विरोध किया है। रांची बाजार समिति चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय कुमार महली ने कहा है कि व्यापारी बढ़ा हुआ किराया नहीं देंगे और फैसले के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उनका पक्ष है कि बाजार समितियों में सड़क, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है तथा कई दुकानें और गोदाम जर्जर हालत में हैं।
व्यवसायियों ने किराया निर्धारण से जुड़े पुराने अदालती विवाद का भी उल्लेख किया है। दूसरी ओर बोर्ड नई दरों को समितियों की आय और संसाधन बढ़ाने का उपाय बता रहा है। ऐसे में एक नवंबर से प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने से पहले बोर्ड और व्यापारियों के बीच मतभेद का समाधान होगा या विरोध आगे बढ़ेगा, इस पर बाजारों की नजर रहेगी।