रांची में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति के भुगतान की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। केंद्र सरकार ने झारखंड के एसटी छात्र-छात्राओं के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। राज्य में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के मद में कुल 364 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित बताया गया है।
केंद्रीय राशि जारी होने के बाद राज्य कल्याण विभाग ने विद्यार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से पैसे भेजने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। भुगतान उन्हीं विद्यार्थियों को किया जाएगा जिनके आवेदन और जरूरी दस्तावेज तय समय के भीतर सत्यापित हो जाएंगे।
छात्रवृत्ति योजना में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी निर्धारित है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, छात्रवृत्ति मद की 75 प्रतिशत राशि केंद्र और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है। हालांकि, प्री-मैट्रिक योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक दी जाने वाली पूरी छात्रवृत्ति का खर्च राज्य सरकार उठाती है।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए परिवार की वार्षिक आय की सीमा ढाई लाख रुपये तक निर्धारित है। योजना में विभिन्न पाठ्यक्रमों को चार समूहों में बांटा गया है। छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और घर से प्रतिदिन शिक्षण संस्थान आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सहायता की दरें अलग-अलग रखी गई हैं।
कल्याण विभाग ने एसटी के साथ अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी शैक्षणिक सत्र 2025-26 तथा 2026-27 की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं। पात्र विद्यार्थी आधिकारिक ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। विद्यार्थियों को इस अवधि में आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे, ताकि उनका सत्यापन समय पर पूरा हो सके। सत्यापन के बाद ही पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में आवंटित छात्रवृत्ति राशि भेजी जाएगी।