झारखंड के जंगलों की जैव विविधता को डिजिटल रूप देगा वन विभाग का जेएसपीएमएस पोर्टल

वन क्षेत्रों के आंकड़े, पौधरोपण स्थलों की तस्वीरें और जीआईएस आधारित सूचनाएं पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं। इससे शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और पर्यटकों को राज्य की प्राकृतिक संपदा समझने में मदद मिल सकेगी।

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जमशेदपुर: झारखंड के जंगलों में मिलने वाले दुर्लभ सांपों, वन्यजीवों, पक्षियों और औषधीय पौधों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल स्वरूप देने की तैयारी चल रही है। वन विभाग अलग-अलग वन क्षेत्रों की जैव विविधता का विवरण जुटाकर उसे झारखंड सिल्वीकल्चर एवं प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम यानी जेएसपीएमएस पोर्टल पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

इस डिजिटल व्यवस्था में वन क्षेत्रों से संबंधित आंकड़ों के साथ पौधरोपण स्थलों की तस्वीरें और भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित विवरण दर्ज किए जा रहे हैं। योजनाओं के आंकड़े, वर्षवार पौधरोपण तथा पौधों और जीव-जंतुओं की तस्वीरें भी विस्तृत जानकारी के साथ अपलोड करने की तैयारी है। इसके लिए विभिन्न वन प्रमंडलों से सूचनाएं जुटाकर व्यवस्थित की जा रही हैं।

पोर्टल के माध्यम से सारंडा के घने जंगलों से लेकर दलमा की पहाड़ियों तक फैली प्राकृतिक संपदा की जानकारी एक स्थान पर लाने का प्रयास है। राज्य के दूसरे वन क्षेत्रों का ब्योरा भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना है। इससे झारखंड की जैव विविधता और प्राकृतिक पहचान को डिजिटल मंच मिलने की संभावना है।

वन क्षेत्रों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने से वन्यजीव विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अध्ययन में सहायता मिल सकेगी। दुर्लभ प्रजातियों, उनके प्राकृतिक आवास और संबंधित वनस्पतियों का व्यवस्थित डिजिटल विवरण भविष्य में शोध के नए अवसर भी उपलब्ध करा सकता है।

यह व्यवस्था पर्यटकों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। किसी वन क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक विशेषताओं की जानकारी यात्रा से पहले मिल सकेगी। देश के साथ विदेश के लोग भी झारखंड के जंगलों और वहां मौजूद वनस्पतियों तथा जीव-जंतुओं के बारे में डिजिटल माध्यम से जान सकेंगे।

हालांकि, दुर्लभ जीवों और पौधों की प्रजातिवार जानकारी सार्वजनिक रूप से कितनी उपलब्ध होगी, यह पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले आंकड़ों पर निर्भर करेगा। फिलहाल विभाग का जोर वन प्रमंडलों से सूचनाएं जुटाने, तस्वीरों और जीआईएस आधारित फाइलों को व्यवस्थित करने तथा पौधरोपण से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने पर है।