रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट परिसर में सोमवार शाम न्यायिक कामकाज से जुड़ी कई नई तकनीकी सुविधाओं की शुरुआत प्रस्तावित है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शाम 7:30 बजे करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसी कार्यक्रम में हाईकोर्ट की नई वेबसाइट, मोबाइल ऐप और छह डिजिटल पहलों का भी शुभारंभ किया जाएगा।
नया डेटा सेंटर हाई-परफॉर्मेंस जीपीयू सर्वर, आधुनिक नेटवर्क सुरक्षा, निर्बाध बिजली आपूर्ति, केंद्रीकृत स्टोरेज और बैकअप व्यवस्था से लैस है। इसके माध्यम से केस इंफॉर्मेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक न्यायिक रिकॉर्ड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सेवाओं को संचालित करने में मदद मिलने की बात कही गई है। यह ढांचा डिजिटल न्यायिक अभिलेखों की सुरक्षा से भी जुड़ा होगा।
राज्य के न्यायिक अधिकारियों के लिए ड्रैगन स्पीच रिकग्निशन सॉफ्टवेयर किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी सहायता से अधिकारी बोलकर आदेश, फैसले और दूसरे न्यायिक दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। दी गई जानकारी के अनुसार यह सॉफ्टवेयर इंटरनेट से जुड़ा नहीं होगा, जिससे दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
कानूनी शोध और दस्तावेजों के प्रारूप तैयार करने के लिए सुप्रीम टुडे एआई सॉफ्टवेयर शुरू किया जाएगा। इसके जरिए न्यायाधीश पुराने फैसलों, कानूनी नजीरों और संदर्भ सामग्री को खोज सकेंगे। इस सुविधा का उद्देश्य शोध और ड्राफ्टिंग में लगने वाले समय को कम करना तथा मुकदमों के निस्तारण से जुड़े काम को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
नई व्यवस्था का एक हिस्सा सिविल कोर्ट के आदेशों, फैसलों और अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति से संबंधित है। इनके लिए चौबीस घंटे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू होने वाली है। नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर वादी अपने मामले की स्थिति, दैनिक आदेश और कॉज लिस्ट देख सकेंगे। अधिवक्ताओं को नाम या पंजीकरण संख्या से मुकदमे खोजने और जरूरी तारीखें मोबाइल में सहेजने की सुविधा मिलेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह तथा झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक समेत कई वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति प्रस्तावित है। इन डिजिटल सुविधाओं के जरिए न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की तैयारी है।