झारखंड के सरकारी स्कूलों को दो वित्तीय वर्षों से विकास अनुदान नहीं, शिक्षक संघ ने उठाई मांग

शिक्षक संघ के अनुसार, विकास अनुदान नहीं मिलने से झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में स्टेशनरी, सफाई और छोटी मरम्मत के काम प्रभावित हो रहे हैं।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
झारखंड के सरकारी विद्यालयों में विकास अनुदान जारी करने की मांग

रांची से सामने आई जानकारी के अनुसार, झारखंड के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को पिछले दो वित्तीय वर्षों से विद्यालय विकास अनुदान नहीं मिला है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि राशि के अभाव में स्कूलों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है और कई शिक्षक आवश्यक सामान अपने पैसे से खरीद रहे हैं।

संघ के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद के मुताबिक, विद्यालयों में चौक-डस्टर, उपस्थिति और दाखिला रजिस्टर, स्थानांतरण प्रमाणपत्र की पुस्तिका तथा दूसरी जरूरी स्टेशनरी की खरीद प्रभावित हुई है। परीक्षा मूल्यांकन प्रपत्र और फोटोकॉपी जैसे कार्यों का खर्च भी कई जगह शिक्षकों को उठाना पड़ रहा है।

अनुदान नहीं मिलने का असर साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी पड़ने की बात कही गई है। झाड़ू, साबुन और फिनायल जैसी सामग्री के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने से शौचालयों की नियमित सफाई में कठिनाई हो रही है। शिक्षक संघ ने इसके कारण विद्यालयों की स्वच्छता और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।

संघ के अनुसार, छोटे मरम्मत कार्य भी लंबित हो रहे हैं। कई स्कूलों में टूटे डेस्क-बेंच की मरम्मत के साथ चापाकल, बिजली की वायरिंग और भवनों की रंगाई-पुताई का काम प्रभावित है। एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में स्थिति अधिक कठिन बताई गई है, क्योंकि वहां प्रशासनिक और शिक्षण जरूरतों की जिम्मेदारी एक ही शिक्षक पर रहती है।

नसीम अहमद ने दावा किया कि शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के स्तर पर आवंटन संबंधी प्रक्रियाओं में देरी से अनुदान समय पर जारी नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि स्वीकृति में विलंब होने पर वित्तीय वर्ष समाप्त होने और राशि लैप्स होने की स्थिति बनती है। इस दावे पर विभागीय पक्ष उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।

शिक्षक संघ ने चालू वित्तीय वर्ष में विद्यालय विकास मद के लिए करीब 35 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है। संघ ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक से राशि तत्काल जारी करने की मांग की है, ताकि जरूरी सामग्री, सफाई और छोटी मरम्मत के काम नियमित रूप से हो सकें।