धनबाद के गोल्फ ग्राउंड के पास स्थित मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय के आधुनिकीकरण की योजना आगे बढ़ी है। राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के तहत इसके लिए करीब 2 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। योजना का उद्देश्य पुस्तकालय की क्षमता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को डिजिटल अध्ययन और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
पुस्तकालय में अभी प्रतिदिन करीब 300 विद्यार्थी पहुंचते हैं। इनमें एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, जेई और सीएसआईआर-नेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल हैं। उपलब्ध जगह कम पड़ने के कारण नई इमारत में एक साथ 500 से अधिक विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है।
वर्तमान पुस्तकालय ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी में संचालित है। जिला शिक्षा अधीक्षक अभिषेक झा के अनुसार, पुराने और सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर ब्लॉक-ए को हटाकर उसी स्थान पर जी प्लस टू भवन बनाया जाएगा। प्रस्तावित परिसर में पार्किंग, बड़े रीडिंग हॉल और आगंतुकों के लिए लॉबी होगी।
नए भवन में आईसीटी लैब और ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की भी योजना है। पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांग पाठकों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। दिव्यांग पाठकों की जरूरतों के अनुरूप विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान भी परियोजना में शामिल किया गया है।
पुस्तकालय को नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। इससे विद्यार्थियों को देश के विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक पुस्तकालयों में उपलब्ध जर्नल तथा शोधपत्रों तक पहुंच मिल सकेगी। पुस्तकालय आने वाले विद्यार्थियों ने अद्यतन पुस्तकों, व्यक्तिगत अध्ययन डेस्क और अधिक समय तक पढ़ाई की सुविधा की जरूरत भी बताई है।
परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है और इसके अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की संभावना जताई गई है। निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, नई सुविधाएं 2027 के आसपास शुरू हो सकती हैं। हालांकि वास्तविक समयसीमा अब डीपीआर पूरा होने और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगी।