झारखंड के सरकारी स्कूलों से मांगा गया कक्षावार छात्र आंकड़ा, परीक्षा सामग्री की कमी रोकने की तैयारी

जेसीईआरटी ने सत्र 2026-27 की परीक्षाओं के लिए सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर सही छात्र संख्या दर्ज करने का निर्देश दिया है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
झारखंड के सरकारी विद्यालयों में परीक्षा सामग्री की तैयारी से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

झारखंड के सरकारी स्कूलों में परीक्षा के समय प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं की कमी रोकने के लिए छात्र संख्या का नया आकलन किया जा रहा है। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा एक से 12वीं तक होने वाली परीक्षाओं की तैयारी के तहत विद्यालयों से सही आंकड़े मांगे हैं।

निर्देश सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। स्कूलों को कक्षा और विषय के अनुसार अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विवरण ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज करना है। इसी जानकारी के आधार पर प्रश्नपत्र, उत्तरपुस्तिका, प्रश्नपत्र-सह-उत्तरपुस्तिका और रिपोर्ट कार्ड की जरूरत तय की जाएगी।

विद्यालयों को पोर्टल पर जानकारी भरने से पहले उसका नामांकन और उपस्थिति पंजी से मिलान करने को कहा गया है। परिषद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दर्ज संख्या वास्तविक छात्र संख्या के अनुरूप हो और परीक्षा सामग्री के मुद्रण तथा वितरण का आकलन करते समय कोई त्रुटि न रह जाए।

जेसीईआरटी के अनुसार परीक्षा सामग्री का समय पर मुद्रण और विद्यालयों तक वितरण भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है। गलत या अधूरी प्रविष्टि के कारण किसी स्कूल में प्रश्नपत्र अथवा दूसरी जरूरी सामग्री कम पड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक की होगी।

निर्धारित समय तक विवरण दर्ज नहीं करने वाले स्कूल प्रधानाध्यापकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि आंकड़े भरने में शिथिलता या त्रुटि को गंभीरता से लिया जाएगा। इस कवायद से आगामी वार्षिक परीक्षाओं से पहले प्रत्येक विद्यालय की सामग्री संबंधी आवश्यकता का सटीक निर्धारण करने की तैयारी है।