रांची में झारखंड के पुलिसकर्मियों और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रावधानों का विस्तार किया गया है। पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद की नई न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय की गई है। संशोधित सूची में कैंसर, किडनी, लिवर, हृदय और मस्तिष्क सहित कई तरह की बीमारियां शामिल हैं।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, पुलिस कल्याण समिति ने सितंबर में सहायता राशि की समीक्षा की थी। इलाज पर होने वाले खर्च को ध्यान में रखकर बीमारीवार नई सूची तैयार की गई और इससे संबंधित पत्र 14 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ। अलग-अलग उपचार के लिए स्वीकृत राशि निर्धारित सीमा के भीतर होगी।
किडनी या लिवर प्रत्यारोपण के लिए एक लाख से सात लाख रुपये तक सहायता का प्रावधान किया गया है। किडनी फेल होने पर डायलिसिस के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये और किडनी की पथरी की सर्जरी के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक मिल सकते हैं। पित्त की थैली तथा अग्न्याशय की सर्जरी के लिए भी 20 हजार से 50 हजार रुपये की सीमा रखी गई है।
कैंसर के मामले में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के लिए दो लाख से पांच लाख रुपये तक मदद तय की गई है। जरूरी अंगों की सर्जरी पर दो लाख से चार लाख रुपये और सामान्य अंगों की सर्जरी पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक सहायता मिल सकती है। हार्ट या वाल्व सर्जरी और एंजियोप्लास्टी के लिए दो से तीन लाख रुपये तक का प्रावधान है।
पेसमेकर लगवाने के लिए 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये और हार्ट अटैक के इलाज के लिए 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक सहायता निर्धारित है। ब्रेन ट्यूमर या गांठ की सर्जरी पर 50 हजार से एक लाख रुपये, जबकि दुर्घटना के बाद ब्रेन सर्जरी पर 20 हजार से दो लाख रुपये तक मदद दी जा सकती है। लकवा तथा मस्तिष्क की नसों से जुड़ी गंभीर बीमारी के लिए भी अधिकतम दो लाख रुपये तय हैं।
नई सूची में आंखों और हड्डियों के उपचार के साथ लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की स्थिति भी शामिल की गई है। रेटिना सर्जरी, कॉर्निया प्रत्यारोपण और ग्लूकोमा के इलाज पर 40 हजार से एक लाख रुपये तक सहायता मिल सकती है। गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण लंबे उपचार और अधिक खर्च की स्थिति में एक लाख से तीन लाख रुपये तक मदद का प्रावधान किया गया है।