झारखंड पुलिस सिपाही भर्ती की तैयारी तेज, जिलों से 15 दिन में मांगा गया रिक्तियों का ब्योरा

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों और इकाइयों को नियमित व बैकलॉग रिक्तियों का आरक्षण कोटिवार विवरण भेजने का निर्देश दिया है। पहले चरण में कुल रिक्त पदों के 50 प्रतिशत पर नियुक्ति की तैयारी है।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
झारखंड पुलिस सिपाही भर्ती की तैयारी से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची में झारखंड पुलिस के सिपाही संवर्ग में नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों और पुलिस इकाइयों से रिक्त पदों का विस्तृत तथा प्रमाणित ब्योरा मांगा है। संबंधित पुलिस अधीक्षकों और इकाई प्रमुखों को यह रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर भेजने का निर्देश दिया गया है।

मांगी गई जानकारी के आधार पर पहले चरण में प्रत्येक जिला या इकाई के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। यह कार्रवाई गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से मिले निर्देश के तहत की जा रही है। शेष पदों को लेकर आगे की प्रक्रिया दूसरे चरण में होने का प्रावधान है।

पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि विवरण तैयार करते समय नियमित रिक्तियों के साथ बैकलॉग पदों को भी शामिल करना होगा। दोनों प्रकार की रिक्तियों का अलग-अलग हिसाब देने के अलावा आरक्षण की प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध पदों की संख्या भी बतानी होगी।

जिला और इकाई स्तर पर रिक्तियों का निर्धारण आरक्षण रोस्टर के आधार पर किया जाएगा। संबंधित जिले के उपायुक्त से रोस्टर क्लियरेंस कराने के बाद ही अंतिम विवरण मुख्यालय को भेजा जाएगा। नियुक्ति प्रक्रिया में सिपाही संयुक्त भर्ती परीक्षा नियमावली, 2025 और आरक्षण से जुड़े सरकारी निर्देशों के पालन की बात कही गई है।

मुख्यालय ने दोबारा आंकड़े मांगने की वजह भी बताई है। इससे पहले जिलों और पुलिस इकाइयों से प्राप्त कुछ विवरणों में त्रुटियां पाई गई थीं। ऐसे में अधिकारियों को इस बार सही और प्रमाणिक जानकारी देने की हिदायत दी गई है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण या पदों की गणना से संबंधित विसंगति पैदा न हो।

सभी रिपोर्ट मिलने के बाद विभिन्न जिलों और इकाइयों में सिपाही संवर्ग के स्वीकृत पदों, मौजूदा रिक्तियों, बैकलॉग और आरक्षण कोटिवार पदों की समीक्षा की जाएगी। फिलहाल पदों की कुल संख्या घोषित नहीं की गई है। आगे की भर्ती कार्रवाई जिलों से प्राप्त और रोस्टर से अनुमोदित आंकड़ों के आधार पर तय होगी।