लोहरदगा में 65 आउटसोर्स सफाईकर्मी हड़ताल पर, चार दिनों से शहर की सफाई प्रभावित

तीन महीने का मानदेय लंबित होने से 65 आउटसोर्स सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं। सीमित कर्मचारियों के कारण बाजारों, सड़कों और मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है।

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लोहरदगा शहर में सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच जमा कचरा

लोहरदगा शहरी क्षेत्र में 65 आउटसोर्स सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण पिछले चार दिनों से सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। त्योहार के समय प्रमुख सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में कचरा जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के आह्वान पर आउटसोर्स एजेंसी से जुड़े कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। उनका कहना है कि अक्टूबर में प्रवेश करने पर बकाया मानदेय चार महीने का हो जाएगा। लगातार भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने घरेलू खर्च चलाने का आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

नगर परिषद के पास उपलब्ध कुछ सफाईकर्मियों से चुनिंदा इलाकों में काम कराया जा रहा है, लेकिन इतनी सीमित संख्या में पूरे शहर की नियमित सफाई संभव नहीं हो पा रही। हड़ताल के समाधान के लिए आउटसोर्स एजेंसी या नगर परिषद की ओर से किसी ठोस पहल की जानकारी सामने नहीं आई है।

थाना टोली रोड, बालिका विद्यालय क्षेत्र, तेतरतर, गुदरी बाजार, कचहरी मोड़, तिवारीदुरा रोड, कॉलेज रोड और न्यू रोड समेत कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने की सूचना है। बाजार और आवासीय क्षेत्रों में बढ़ती गंदगी के कारण स्थानीय लोगों ने स्वच्छता तथा संक्रमण के संभावित खतरे को लेकर चिंता जताई है।

निवासियों का कहना है कि नगर परिषद को कर्मचारियों के मानदेय से जुड़े विवाद का शीघ्र समाधान कर सफाई का काम सामान्य कराना चाहिए। लोगों ने यह भी कहा कि वे सफाई शुल्क देते हैं, इसलिए नियमित कचरा उठाव और स्वच्छ सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना निकाय की जिम्मेदारी है।

हड़ताल जारी रहने पर शहर में जमा कचरे की मात्रा और बढ़ सकती है। फिलहाल कर्मचारियों के बकाया भुगतान तथा काम पर उनकी वापसी के संबंध में कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। ऐसे में सफाई व्यवस्था की बहाली अब नगर परिषद और संबंधित आउटसोर्स एजेंसी की अगली पहल पर निर्भर है।