रांची में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की प्रस्तावित ‘उड़ान’ योजना को विभागीय मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दे दी है। योजना में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने का प्रावधान है। इसे इसी वित्तीय वर्ष से शुरू करने की तैयारी है, हालांकि प्रस्ताव पर योजना प्राधिकृत समिति और कैबिनेट की मंजूरी अभी ली जानी है।
‘यूनिफाइड डवलपमेंट थ्रो एकेडमिक एडवांसमेंट एंड नेशनल एक्सपोजर’ नाम की यह योजना पांच वर्षों के लिए तैयार की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, हर वर्ष 1,680 विद्यार्थी और 2,244 शिक्षक भ्रमण में शामिल होंगे। पांच साल में कुल 8,400 विद्यार्थियों और 11,220 शिक्षकों को अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवधि में योजना पर 14.91 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
भ्रमण का दायरा विद्यार्थियों की कक्षाओं के अनुसार तय किया गया है। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को जिला स्तर पर, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को एक जिले से दूसरे जिले में और कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। शिक्षकों के लिए अंतरराज्यीय भ्रमण प्रस्तावित है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन विभिन्न मानकों के आधार पर तकनीकी प्रक्रिया से करने की बात कही गई है। इसमें सभी जिलों, अलग-अलग श्रेणियों और जेंडर का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान है। चयनित विद्यार्थियों में 50 प्रतिशत छात्राओं की भागीदारी अनिवार्य रखने का प्रस्ताव भी योजना में शामिल है।
योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, करियर के अवसरों, नवाचार, वैज्ञानिक प्रगति और सार्वजनिक संस्थानों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी देना है। शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक प्रौद्योगिकी और विभिन्न संस्थागत मॉडलों को समझने का अवसर देने की योजना है, ताकि उनके व्यावसायिक विकास और शिक्षण क्षमता को मजबूत किया जा सके।
भ्रमण पूरा करने वाले विद्यार्थी और शिक्षक अपने अनुभव क्रमशः अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ साझा करेंगे। इससे पहले समग्र शिक्षा अभियान के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में भ्रमण कराया जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में वह व्यवस्था बंद थी। नई योजना का क्रियान्वयन शेष आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद ही आगे बढ़ेगा।