रांची में झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की पहली बैठक में एलाइड और हेल्थकेयर शिक्षा के लिए नया नियामक ढांचा विकसित करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में पाठ्यक्रमों के नियमन, मानकीकरण और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर विचार किया गया।
बैठक में तय किया गया कि परिषद राज्य में संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले कॉलेजों और संस्थानों को संबद्धता प्रदान करेगी। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों का पंजीकरण भी परिषद के माध्यम से किया जाएगा। इससे संस्थानों की संबद्धता और विद्यार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया एक निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत आएगी।
परिषद के नियमन में डिप्लोमा सहित विभिन्न स्तरों पर चलने वाले एलाइड और हेल्थकेयर पाठ्यक्रम शामिल होंगे। बैठक में इन पाठ्यक्रमों के लिए मानक तय करने और शिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। परिषद की जिम्मेदारियों में पाठ्यक्रम, परीक्षा और पंजीकरण से जुड़े विषय शामिल रहेंगे।
पहले से इन पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे ट्रांजिशन बैच के विद्यार्थियों की परीक्षा कराने पर भी सहमति बनी। जिन पाठ्यक्रमों की अंतिम परीक्षा अब तक आयोजित नहीं हो सकी है, उनके बारे में आवश्यक निर्णय कैबिनेट के माध्यम से लेने की बात कही गई। यह प्रक्रिया लंबित परीक्षा वाले विद्यार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी।
परिषद के नियमित संचालन के लिए जरूरी पदों के सृजन का निर्णय भी बैठक में लिया गया। इसके साथ एक समर्पित वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों, संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को पाठ्यक्रमों, परीक्षाओं तथा पंजीकरण से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है।
पहली बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद अब संबद्धता, पंजीकरण, परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पदों से जुड़ी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाना है। प्रस्तावित नियामक व्यवस्था का केंद्र एलाइड एवं हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों का मानकीकरण और राज्य में इनकी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना होगा।