रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर हो रही साइबर ठगी की कोशिशों को लेकर चेतावनी जारी की है। कार्यालय के अनुसार, जालसाज फर्जी ई-मेल भेजकर मतदाताओं को डराने और उनकी निजी जानकारी तथा दस्तावेज हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
इन ई-मेल में कथित तौर पर कहा जा रहा है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के कारण संबंधित व्यक्ति का नाम प्रारूप मतदाता सूची से हटा दिया गया है। नाम दोबारा शामिल कराने के बहाने ई-मेल में दिए गए लिंक पर क्लिक करने और व्यक्तिगत विवरण व जरूरी कागजात जमा करने को कहा जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी या निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी इस तरह ई-मेल भेजकर किसी व्यक्ति से प्रमाणपत्र अथवा दस्तावेज नहीं मांग रहे हैं। मतदाताओं को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और ओटीपी, निजी सूचना या दस्तावेज साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।
एसआईआर से जुड़े सत्यापन के लिए लोगों से अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क करने को कहा गया है। ऑनलाइन निर्वाचन सेवाओं के लिए केवल निर्वाचन आयोग के ईसीआईनेट ऐप या आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है, ताकि फर्जी संदेशों और वेबसाइटों से बचा जा सके।
इसी बीच मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए एक से 12 नवंबर तक मतदान केंद्रवार ‘होम-टू-रोल’ विजिट किया जाएगा। निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोई पात्र भारतीय नागरिक सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम दर्ज न हो।
राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर चार नवंबर को बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, यानी बीएलए-2, की पांचवीं बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में उन मामलों की समीक्षा होगी जिनमें दो नोटिस और घर जाकर दस्तावेज जुटाने के प्रयास के बाद भी जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं हुए। बीएलओ से यह प्रमाणपत्र भी लिया जाएगा कि उनके क्षेत्र में नाम दर्ज कराने से वंचित कोई पात्र नागरिक शेष नहीं है।