रांची में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत NQAS प्रमाणन का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी जिलों से प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
जिलों को अपने स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कमियों की पहचान करने और उनके समाधान के लिए समयबद्ध सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए विभागों और संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वित प्रयास तथा जिला स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई गई।
आंतरिक मूल्यांकनकर्ता सह सेवा प्रदाता प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना, रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संस्थानों को राष्ट्रीय प्रमाणन के लिए तैयार करना है। इसमें आंतरिक मूल्यांकन, सेवा प्रदायगी, संक्रमण नियंत्रण और अभिलेखों के उचित रखरखाव से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं।
प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संस्थानों का व्यवस्थित आकलन करने, कमियां चिह्नित करने और सुधार की कार्ययोजना बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गुणवत्ता सुधार से जुड़ी गतिविधियों को नियमित रूप से लागू करने पर भी ध्यान दिया गया, ताकि जिला और प्रखंड स्तर की व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सके।
प्रशिक्षण में सभी जिलों से चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, जिला डेटा प्रबंधक, जिला महामारी विशेषज्ञ और सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में एनएचएम झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित राज्य स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी, परामर्शी और प्रशिक्षक भी शामिल हुए।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में प्रमाणन की गति बढ़ाना प्राथमिकता बताया गया है। इसके लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन, प्रभावी निगरानी और समय पर सुधार को महत्वपूर्ण माना गया। पहल से स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित होने तथा रोगियों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलने की अपेक्षा जताई गई है।