झारखंड में न्यूनतम मजदूरी की संशोधित दरें लागू, मासिक भुगतान 12,337 से 21,656 रुपये तक

राज्य में श्रमिकों की कुशलता और कार्यक्षेत्र के आधार पर न्यूनतम मजदूरी की नई दरें तय की गई हैं। संशोधित भुगतान एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना गया है।

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झारखंड में श्रमिकों के लिए लागू संशोधित न्यूनतम मजदूरी दरों का सांकेतिक दृश्य

झारखंड सरकार ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ते को शामिल करते हुए न्यूनतम मजदूरी की संशोधित दरें घोषित की हैं। श्रमिक की कुशलता और कार्यस्थल के क्षेत्र के अनुसार मासिक न्यूनतम भुगतान 12,337 रुपये से 21,656 रुपये के बीच तय किया गया है। ये दरें एक अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी मानी गई हैं।

श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अधीन श्रमायुक्त कार्यालय ने 15 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के माध्यम से संशोधन जारी किया है। दरों के निर्धारण में कार्यस्थलों को क्षेत्र ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र में अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रमिकों के लिए अलग भुगतान निर्धारित है।

क्षेत्र ‘ए’ में अकुशल श्रमिक की मासिक न्यूनतम मजदूरी 13,586 रुपये और अर्द्धकुशल श्रमिक की 14,253 रुपये होगी। इसी क्षेत्र में कुशल श्रमिक के लिए 18,782 रुपये तथा अतिकुशल श्रमिक के लिए 21,656 रुपये प्रति माह की दर तय की गई है।

क्षेत्र ‘बी’ में अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रमिकों के लिए मासिक दरें क्रमशः 12,947 रुपये, 13,586 रुपये, 17,911 रुपये और 20,669 रुपये हैं। क्षेत्र ‘सी’ में इन्हीं श्रेणियों के लिए क्रमशः 12,337 रुपये, 12,947 रुपये, 17,069 रुपये और 19,682 रुपये का न्यूनतम मासिक भुगतान निर्धारित किया गया है।

दैनिक मजदूरी के अनुसार क्षेत्र ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ में अकुशल श्रमिकों को क्रमशः 523 रुपये, 498 रुपये और 475 रुपये मिलेंगे। अतिकुशल श्रमिकों के लिए इन क्षेत्रों में दैनिक दर क्रमशः 833 रुपये, 795 रुपये और 757 रुपये रखी गई है। मासिक और दैनिक भुगतान की गणना 26 कार्यदिवस के आधार पर की गई है।

क्षेत्र ‘ए’ में रांची, चास, धनबाद, देवघर, हजारीबाग, मानगो और आदित्यपुर के नगर निगम क्षेत्र के साथ जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र तथा जुगसलाई नगर परिषद शामिल हैं। अन्य नगरपालिका और अधिसूचित क्षेत्र ‘बी’ में रखे गए हैं, जबकि बाकी स्थान क्षेत्र ‘सी’ में आएंगे। निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित नियोजकों की होगी।