झारखंड में पाइपलाइन के बाद 158 किमी सड़क की मरम्मत बाकी, 30 सितंबर तक पूरा करने का निर्देश

राज्य में जलापूर्ति पाइपलाइन के लिए खोदी गई करीब 830 किलोमीटर सड़क में 672 किलोमीटर की मरम्मत हुई है। धनबाद में सात किलोमीटर सड़क अब भी अधूरी है।

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झारखंड के शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत का काम कई जगह अधूरा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पिछले एक वर्ष में राज्यभर में करीब 830 किलोमीटर सड़क खोदी गई, लेकिन अब तक लगभग 672 किलोमीटर हिस्से की ही मरम्मत हो सकी है। शेष 158 किलोमीटर सड़क को दुरुस्त किया जाना बाकी है।

धनबाद में पाइपलाइन के काम के लिए कुल 30 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। इनमें से 23 किलोमीटर हिस्से की मरम्मत पूरी होने की जानकारी दी गई है, जबकि सात किलोमीटर सड़क अब भी मरम्मत की प्रतीक्षा में है। अधूरी सड़कों के कारण संबंधित इलाकों में आवागमन की स्थिति सामान्य होने में देरी बनी हुई है।

राज्य के जिलों में गढ़वा की स्थिति सबसे अधिक लंबित बताई गई है। वहां 34 किलोमीटर सड़क पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत के बिना छोड़ी गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि पाइपलाइन परियोजनाओं के साथ सड़क को पहले जैसी स्थिति में लौटाने का काम समान गति से नहीं हो पाया है।

शहरी विकास एवं आवास विभाग ने जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के बाद सड़कों की धीमी मरम्मत पर नाराजगी जताई है। विवरण में यह भी कहा गया है कि जिन स्थानों पर काम पूरा बताया गया है, वहां भी मरम्मत की गुणवत्ता हर जगह संतोषजनक नहीं है।

मुख्य सचिव ने लंबित सड़कों की मरम्मत 30 सितंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है। इस समयसीमा के कारण संबंधित नगर निकायों और परियोजना एजेंसियों को बचे हुए हिस्सों पर काम तेज करना होगा। विभागीय समीक्षा में कुछ नगर निकायों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने की बात भी सामने आई है।

शहरी जलापूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन जरूरी है, लेकिन खुदाई के बाद सड़क बहाल करना भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धनबाद सहित प्रभावित शहरों में अब ध्यान लंबित किलोमीटर पूरे करने के साथ मरम्मत की गुणवत्ता पर रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भविष्य में इस व्यवस्था में सुधार की योजना भी बनाई गई है।