धनबाद के ‘जहाज वाले भवन’ पर ध्वस्तीकरण और जुर्माने के आदेश पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक

झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद नगर निगम के ध्वस्तीकरण और करीब 29.81 लाख रुपये के जुर्माने संबंधी आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

धनबाद के भेलाटांड़ आठ लेन क्षेत्र में स्थित चर्चित ‘जहाज वाले भवन’ के एक हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई फिलहाल टल गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद नगर निगम के ध्वस्तीकरण आदेश और करीब 29.81 लाख रुपये के जुर्माने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इससे भवन मालिक उदय सिंह को अंतरिम राहत मिली है।

मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस आनंदा सेन की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रशांत सिंह और जया कुमार ने पक्ष रखा। अदालत का मौजूदा आदेश अंतरिम प्रकृति का है और नगर निगम के निर्णय से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

नगर निगम ने 18 अगस्त को तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर भवन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कार्रवाई का आदेश जारी किया था। निगम का दावा था कि भवन मालिक को अपना पक्ष रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन संतोषजनक कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए।

निगम की जांच में स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण के क्षेत्रफल में बड़ा अंतर मिलने की बात कही गई थी। भवन के लिए 900.36 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण की स्वीकृति थी, जबकि मौके पर 2094.18 वर्ग मीटर में निर्माण पाया गया। इसके आधार पर 1103.79 वर्ग मीटर हिस्से को अवैध मानते हुए उसे हटाने का निर्देश दिया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीकृत नक्शे में बेसमेंट और भूतल के साथ चार मंजिलों तथा कुल 14.40 मीटर ऊंचाई की अनुमति थी। निरीक्षण के दौरान पांच मंजिलों के अलावा छत पर शेड और स्विमिंग पूल मिलने तथा भवन की कुल ऊंचाई 19.85 मीटर होने का दावा किया गया।

इन्हीं कथित निर्माण विचलनों को आधार बनाकर नगर निगम ने भवन उपनियमों के उल्लंघन का मामला माना और करीब 29.81 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट की रोक के बाद ध्वस्तीकरण और जुर्माने के आदेश पर फिलहाल अमल नहीं होगा। आगे की स्थिति अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और उसके निर्देशों से स्पष्ट होगी।