झारखंड में भारी बारिश का दौर कमजोर, 4 अक्टूबर तक छिटपुट वर्षा के आसार

मौसम विभाग के 30 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में भारी बारिश की तीव्रता घटी है, लेकिन 4 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

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रांची में बादलों से घिरा आसमान और बारिश का मौसम

रांची समेत झारखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर अब कमजोर पड़ने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 30 सितंबर के पूर्वानुमान में राज्य के लिए 4 अक्टूबर तक कोई राज्यस्तरीय चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, इस अवधि में कुछ स्थानों पर बादल छाने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 सितंबर को झारखंड में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश पूरी तरह बंद होने के बजाय अलग-अलग इलाकों में छिटपुट रूप से जारी रहने का अनुमान है।

राजधानी रांची में भी सामान्यतः बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के रांची संबंधी पूर्वानुमान में 30 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दर्ज किया गया था।

पिछले दिनों लगातार हुई बारिश से झारखंड के कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ था। कुछ निचले इलाकों में जलजमाव हुआ, सड़कों पर आवागमन में परेशानी आई और नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी गई। रांची सहित कई इलाकों पर बारिश का असर पड़ा था। अब इसकी तीव्रता घटने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

खेती वाले क्षेत्रों में भी कम बारिश से जलजमाव की स्थिति सुधर सकती है। जिन इलाकों में पर्याप्त वर्षा हो चुकी है, वहां किसानों को खेत की मौजूदा स्थिति देखकर आगे के कृषि कार्य तय करने की सलाह दी गई है। सिंचाई और दूसरे कार्यों का निर्णय भी स्थानीय मौसम को ध्यान में रखकर करने की जरूरत बताई गई है।

भारी वर्षा का व्यापक खतरा कम होने के बावजूद गरज-चमक और स्थानीय बारिश की संभावना समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी। विभाग के मौजूदा अनुमान के अनुसार 4 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित स्तर पर बनी रह सकती हैं।