झारखंड लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 को हाईकोर्ट ने माना वैध, बोर्ड-निगम रख सकेंगे वकील

झारखंड हाईकोर्ट ने लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए नियमावली को सही ठहराया है।

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रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट भवन की फाइल तस्वीर

रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की लॉ ऑफिसर नियुक्ति नियमावली-2026 को वैध ठहराया है। इस नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए अदालत की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के बोर्ड और निगम आवश्यकता के अनुसार अपने वकील रख सकते हैं।

यह मामला लाल ज्ञान रंजन नाथ शाहदेव की ओर से दाखिल याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट पहुंचा था। याचिका में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वर्ष 2026 की नियुक्ति नियमावली को चुनौती दी गई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अदालत ने याचिका से जुड़े सभी पक्षों की दलीलें सुनी थीं।

सुनवाई पूरी होने के बाद खंडपीठ ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। अब सुनाए गए फैसले में अदालत ने राज्य सरकार की ओर से लागू नियमावली को सही माना है। इसके साथ ही नियमावली की वैधता को लेकर दायर चुनौती पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।

अदालत ने अपने निर्णय में सरकारी बोर्ड और निगमों के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व से जुड़ी व्यवस्था पर भी स्थिति साफ की। फैसले के अनुसार, ऐसे बोर्ड या निगम यदि चाहें तो अपने स्तर पर वकील रख सकेंगे। उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष बोर्ड, निगम या प्रस्तावित नियुक्ति का उल्लेख नहीं किया गया है।

हाईकोर्ट का यह फैसला लॉ ऑफिसर की नियुक्ति से संबंधित राज्य सरकार की नई नियमावली पर आया है। मामले में अदालत के सामने मुख्य प्रश्न इसी नियमावली की वैधता का था। पक्षों को सुनने और विचार करने के बाद खंडपीठ ने इसे सही ठहराते हुए बोर्ड तथा निगमों के वकील रखने के विकल्प को मान्यता दी है।