रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच विशेष सैलरी पैकेज को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में हुए इस समझौते से राज्य के लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न लाभ मिलने की बात कही गई है।
समझौते के दायरे में यूनियन बैंक में वेतन खाता रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी आएंगे। उनके लिए आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर तथा पूर्ण या आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता का प्रावधान बताया गया है। पैकेज में एयर एम्बुलेंस समेत आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं भी शामिल हैं।
कर्मचारियों को व्यक्तिगत, गृह और वाहन ऋण रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी समझौते का हिस्सा है। इसके अतिरिक्त निःशुल्क एटीएम कार्ड और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी सुविधाएं देने की बात कही गई है। समझौते का उद्देश्य वेतन खाताधारक कर्मचारियों को नियमित बैंकिंग सेवाओं के साथ अतिरिक्त वित्तीय संरक्षण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैंकिंग सेवाओं का दायरा सरकारी कर्मचारियों से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी, गरीब, पिछड़े और ग्रामीण समुदायों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने तथा उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने बैंकों से ग्रामीण युवाओं, छोटे उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों के लिए ऋण प्रक्रिया सरल और सुलभ बनाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि राज्य की योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने वाले युवाओं को आसानी से ऋण मिलने पर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में सहायता होगी।
समझौता कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव प्रशांत कुमार और यूनियन बैंक के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। राज्य सरकार ने इस पहल को कर्मचारियों के हित में उपयोगी बताते हुए उम्मीद जताई कि बैंक भविष्य में अपनी सेवाओं और सहयोग को झारखंड के आम नागरिकों तक भी व्यापक रूप से पहुंचाएगा।