टूनिया स्टेशन का रेलवे फाटक ओएफआरआर तकनीक से अपग्रेड, स्टेशन मास्टर की अनुमति जरूरी

पश्चिमी सिंहभूम के टूनिया स्टेशन के पास स्थित गेट नंबर 183 को ऑप्टिकल फाइबर आधारित प्रणाली से जोड़ा गया है। अब फाटक की स्थिति स्टेशन पैनल पर दिखेगी और इसे खोलने के लिए स्टेशन मास्टर की अनुमति जरूरी होगी।

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पश्चिमी सिंहभूम के टूनिया स्टेशन का ओएफआरआर तकनीक से अपग्रेड रेलवे फाटक

पश्चिमी सिंहभूम जिले के टूनिया स्टेशन के पास स्थित रेलवे लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 183 को नई सुरक्षा प्रणाली से लैस किया गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे की इस पहल के तहत फाटक को ऑप्टिकल फाइबर रिले रिपीटर यानी ओएफआरआर तकनीक से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य गेट संचालन में मानवीय चूक की आशंका कम करना और रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्टेशन मास्टर की अनुमति के बिना यह फाटक नहीं खोला जा सकेगा। गेट खोलने से पहले निर्धारित हूटर कमांड भी जरूरी होगी। इस तरह फाटक के संचालन और स्टेशन के बीच तकनीकी समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे समय से पहले या बिना अनुमति गेट खुलने का जोखिम घटेगा।

गेट की बूम लॉकिंग और उसके पूरी तरह बंद होने की जानकारी अब सीधे टूनिया स्टेशन के पैनल पर उपलब्ध होगी। पैनल पर लाल और हरे संकेतों के माध्यम से स्टेशन मास्टर गेट की स्थिति देख सकेंगे। इससे रेलगाड़ी को मार्ग देने से पहले फाटक बंद होने की इलेक्ट्रॉनिक पुष्टि मिल सकेगी।

इससे पहले गेट नंबर 183 नॉन-इंटरलॉक्ड व्यवस्था के तहत संचालित होता था। स्टेशन पर बैठे अधिकारियों को तकनीकी माध्यम से फाटक के खुले या बंद होने की सीधी जानकारी नहीं मिलती थी। संचालन के लिए फोन कॉल और प्राइवेट नंबर प्रणाली पर निर्भरता थी। पुरानी प्राइवेट नंबर व्यवस्था को अब भी बैकअप के रूप में चालू रखा गया है।

ओएफआरआर प्रणाली तैयार करने के लिए नई तांबे की केबल बिछाने के बजाय पहले से उपलब्ध निष्क्रिय ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार यह व्यवस्था कम बिजली में संचालित होती है और इसे अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार किया गया है।

टूनिया स्टेशन चक्रधरपुर-राउरकेला रेलखंड पर स्थित है, जो झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग का हिस्सा है। इस मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों का परिचालन होता है। नई प्रणाली गेट की वास्तविक स्थिति और संचालन संबंधी अनुमति को एक ही तकनीकी व्यवस्था से जोड़ती है।