दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड स्थित हंसडीहा को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और जिले में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने को लेकर हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने की।
बैठक में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को अपनी छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिए प्रोत्साहित करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी और इससे उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों की जानकारी भी साझा की। संयंत्र लगने से बिजली बिल में राहत मिलने के साथ प्रतिमाह 300 यूनिट तक बिजली की बचत होने की संभावना बताई गई।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र के लिए 30 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। दो किलोवाट तक प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये और तीन किलोवाट क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र पर कुल 78 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित है। इसका लाभ सरकार के तय प्रावधानों के अनुसार पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा।
मॉडल सोलर विलेज योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिला स्तरीय समिति ने जिले के दस सर्वाधिक आबादी वाले गांवों का चयन कर उनकी सूची झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी को भेजी थी। इन गांवों में सौर ऊर्जा आधारित संरचनाओं की स्थापना और उनके उपयोग की प्रगति परखने के लिए छह महीने की प्रतियोगिता कराई गई।
चयनित गांवों में दुमका प्रखंड के पुराना दुमका, रसिकपुर, दुधानी और बंदरजोरी शामिल थे। सरैयाहाट प्रखंड से हंसडीहा, मंडलडीह, बरियारा और नवाडीह, जबकि जरमुंडी से नोनीहाट तथा रानेश्वर से आसनबनी को सूची में रखा गया था।
छह महीने के दौरान गांवों में स्थापित सौर ऊर्जा संरचनाओं और उनके इस्तेमाल की समीक्षा के आधार पर आगे की पहल तय की गई। इसी प्रक्रिया के बाद हंसडीहा को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने का निर्णय हुआ। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले में सौर ऊर्जा के विस्तार पर जोर दिया गया।