पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड की खैरबनी पंचायत में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाढ़, जल रिसाव और क्षतिग्रस्त पहुंच मार्ग की समस्याओं से जूझ रहा है। खैरबनी गांव में विद्यालय के पास स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र तक बारिश के दौरान पहुंचना मरीजों के लिए कठिन हो जाता है। भवन के मुख्य द्वार के सामने मिट्टी बहने से बड़ा गड्ढा बन गया है और आवागमन का समुचित रास्ता नहीं बचा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भवन का निर्माण वर्ष 2025 में पूरा हुआ था। उसी वर्ष आई बाढ़ में इसका भूतल पानी में डूब गया। टूटी खिड़की से कार्यालय के भीतर पानी प्रवेश करने के कारण एलईडी टीवी, अलमारी में रखे दस्तावेज और दूसरी सामग्री खराब हो गई। बाढ़ में कई जरूरी कागजात नष्ट होने की भी जानकारी दी गई है।
स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम के मुताबिक, समस्या केवल भूतल तक सीमित नहीं है। भवन के ऊपरी तल में भी पानी का रिसाव होता है और बारिश का पानी खिड़कियों के रास्ते अंदर आता है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के साथ कार्यालयी रिकॉर्ड और उपकरणों को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है।
भवन नदी किनारे ढलान वाली जगह पर बनाया गया है। मुख्यधारा के पास मिट्टी के कटाव से नाला बन जाने और प्रवेश द्वार का प्लेटफॉर्म क्षतिग्रस्त होने से परिसर तक पहुंचने की मुश्किल बढ़ी है। खासकर बरसात के समय उपचार के लिए आने वाले लोगों को खराब रास्ते और जलभराव का सामना करना पड़ता है।
केंद्र में पेयजल की सुविधा भी प्रभावित है। परिसर में लगा नलकूप उपयोग में नहीं आ रहा क्योंकि उसका मोटर लंबे समय से खराब बताया गया है। भवन का निर्माण ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने कराया था और इसकी प्राक्कलित लागत 25 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कार्यस्थल पर निर्माण संबंधी सूचना-पट्ट भी नहीं लगाया गया था। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से भवन, जल रिसाव, कटाव और पहुंच मार्ग की जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की है।