खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र के गिडुंग गांव में खेत के कुएं में गिरे हाथी के बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग और दो जेसीबी की मदद से करीब चार घंटे तक बचाव अभियान चलाया। रविवार तड़के लगभग तीन बजे अभियान सफल हुआ।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम आठ जंगली हाथियों का एक झुंड कर्रा क्षेत्र से निकला था। कुलडा जंगल पहुंचने के बाद झुंड उकड़िमाड़ी होते हुए गिडुंग की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान झुंड के साथ चल रहा बच्चा सिलास भेंगरा के खेत में बने कुएं में गिर गया।
रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं और आसपास की स्थिति का निरीक्षण किया तथा बच्चे को निकालने की तैयारी शुरू की। कुएं के पास मौजूद दो मादा हाथियों के कारण बचावकर्मियों के लिए अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा रहा।
दोनों मादा हाथी कुएं के आसपास घूमते हुए बच्चे की निगरानी कर रही थीं और वहां से हटने को तैयार नहीं थीं। इस स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान के लिए दो जेसीबी मंगाई गईं। एक मशीन को बच्चे को कुएं से बाहर निकालने के काम में लगाया गया, जबकि दूसरी की सहायता से मादा हाथियों को सुरक्षित दूरी पर रखने की कोशिश की गई।
रात में शुरू हुई कवायद करीब चार घंटे बाद पूरी हुई। वन विभाग के कर्मचारियों, आठ जवानों और गांव के लोगों ने अभियान में सहयोग किया। साझा प्रयास से हाथी के बच्चे को किसी बताए गए नुकसान के बिना सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अंधेरे में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच चलाया गया यह अभियान संवेदनशील था। टीम को बच्चे तक पहुंच बनाने के साथ मादा हाथियों और बचावकर्मियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ा। उपलब्ध विवरण में बच्चे को कुएं से निकाले जाने के बाद सुरक्षित बताया गया है।