त्योहारी भीड़ के लिए पूर्व मध्य रेल चलाएगा स्पेशल ट्रेनें, प्रमुख स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया

पूर्व मध्य रेल ने त्योहारों के दौरान अतिरिक्त यात्री भीड़ संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने और प्रमुख स्टेशनों पर चौबीस घंटे निगरानी समेत कई व्यवस्थाएं करने की जानकारी दी है।

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धनबाद क्षेत्र में त्योहारी भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेन और स्टेशन प्रबंधन की तैयारी

धनबाद समेत पूर्व मध्य रेल क्षेत्र में त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्री भीड़ को संभालने के लिए स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने रेल मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। ये ट्रेनें त्योहारों पर विभिन्न शहरों से घर आने और पर्व के बाद लौटने वाले यात्रियों की अतिरिक्त मांग को ध्यान में रखकर चलाई जाएंगी।

भीड़ वाले प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के ठहरने के लिए अलग होल्डिंग एरिया बनाने की योजना है। इन स्थानों पर पेयजल, ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की घोषणा तथा मेडिकल बूथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में यात्रियों के दबाव को व्यवस्थित करना है।

स्टेशनों की निगरानी के लिए एक वार रूम भी बनाया जाएगा, जो चौबीस घंटे सक्रिय रहेगा। रेलवे सुरक्षा बल की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की जाएंगी। प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि अधिक भीड़ की स्थिति में तत्काल जरूरी कदम उठाए जा सकें।

लंबी दूरी की अधिक भीड़ वाली ट्रेनों की सामान्य बोगियों में यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से चढ़ाने की व्यवस्था होगी। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को लगाया जाएगा। रेलवे की तैयारी में ट्रेन संचालन के साथ स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने पर भी जोर दिया गया है।

प्रस्तावित सेवाओं में धनबाद-चंडीगढ़, धनबाद-दिल्ली-जम्मू, धनबाद-यशवंतपुर, धनबाद-सहरसा, धनबाद-न्यू जलपाईगुड़ी और धनबाद-उधना स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में इन ट्रेनों की तारीख, समय, ठहराव या फेरे की संख्या नहीं बताई गई है। यात्रियों को विस्तृत कार्यक्रम जारी होने पर उसके अनुसार यात्रा की योजना बनानी होगी।

महाप्रबंधक ने अमृत भारत स्टेशन योजना के काम की प्रगति भी बताई। पूर्व मध्य रेल के 97 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। गोमो और कतरासगढ़ स्टेशनों का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि नवंबर तक कई अन्य स्टेशनों का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।