धनबाद जिले के पश्चिमी टुंडी प्रखंड के पलमा गांव में रविवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने करीब आधा दर्जन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने कई चहारदीवारी तोड़ दीं और खेतों में लगी मकई तथा धान की फसल को खाकर और पैरों से रौंदकर नुकसान पहुंचाया।
मनियाडीह थाना क्षेत्र के इस गांव में हाथियों का झुंड रात करीब आठ बजे पहाड़ की ओर से पहुंचा। हाथियों को आबादी के बीच देखकर गांव में अफरातफरी मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।
नुकसान उठाने वाले ग्रामीणों में बेनीलाल बेसरा, टीकाराम मुर्मू, अभिषेक बेसरा और सूरज मुर्मू शामिल बताए गए हैं। मां कांती एग्रो के मालिक पारसनाथ चौधरी की चहारदीवारी और फसल को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है।
ग्रामीण बाबूजान मुर्मू के अनुसार, उन्होंने बेटी की शादी के लिए 70 हजार रुपये चावल रखने वाली मिट्टी की डेहरी में छिपाकर रखे थे। हाथियों ने डेहरी तोड़कर चावल खा लिया। झुंड के जाने के बाद तलाश करने पर रुपये नहीं मिले। इस रकम के गुम होने का दावा ग्रामीण की ओर से किया गया है।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की मशालची टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को गांव से बाहर निकालने के प्रयास में जुट गई। विभाग के मुताबिक झुंड दो हिस्सों में बंट गया है। घने जंगल और झाड़ियों के कारण उसे नियंत्रित करके सुरक्षित दिशा में ले जाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
वन विभाग ने पलमा क्षेत्र में 30 हाथियों के विचरण की जानकारी दी है। विभाग के अनुसार, प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाएगा। जिन परिवारों का चावल नष्ट हुआ, उनके लिए सोमवार को चावल भेजा गया। क्यूआरटी के सदस्य हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं।