दुमका में जिला कल्याण विभाग की योजनाओं और छात्र सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कल्याण छात्रावासों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में छात्रावासों की स्थिति, छात्रवृत्ति भुगतान, साइकिल वितरण और निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों से उनके लिए आवंटित छात्रावासों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्हें अपने क्षेत्रों के छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने और वहां रहने वाले विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं का आकलन करने को कहा गया। बिजली, पेयजल, स्वच्छता और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में कमी नहीं रहने देने पर जोर दिया गया।
बैठक में छात्रावास भवनों की सुरक्षा भी समीक्षा का प्रमुख विषय रही। अधिकारियों को छत और भवन की स्थिति की नियमित जांच करने तथा कमजोरी या मरम्मत की आवश्यकता सामने आने पर समय रहते कार्रवाई करने का निर्देश मिला। छात्रावासों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रखंड स्तर के अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता से काम करने को कहा गया।
साइकिल वितरण की प्रगति की समीक्षा के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला कल्याण पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित न रहे।
प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति से संबंधित लंबित आवेदनों एवं भुगतान की स्थिति भी देखी गई। उपायुक्त ने मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र विद्यार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने छात्रवृत्ति और साइकिल जैसी सुविधाओं के क्रियान्वयन में अधिकारियों की जवाबदेही पर बल दिया।
इसके अलावा आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्र तथा एकलव्य मॉडल विद्यालय में भवन निर्माण समेत लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा गया। बैठक में जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और आम लोगों को उपचार संबंधी सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।