दुमका में कल्याण छात्रावासों की सुविधाओं और लंबित छात्रवृत्ति को लेकर छात्रों ने सौंपा ज्ञापन

दुमका में छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर कल्याण छात्रावासों की बुनियादी सुविधाएं सुधारने और लंबित छात्रवृत्ति जारी करने की मांग मुख्यमंत्री से की।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

दुमका में कल्याण छात्रावासों की स्थिति और लंबित छात्रवृत्ति के मुद्दे पर सोमवार को छात्र समन्वय समिति के बैनर तले जन आक्रोश महारैली निकाली गई। जिले के विभिन्न कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लिया और जिला कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

रैली एसपी कॉलेज से शुरू होकर कचहरी चौक के रास्ते जिला कल्याण पदाधिकारी कार्यालय पहुंची। इसका संयुक्त नेतृत्व छात्र नेता डॉ. श्याम देव हेंब्रम, राजीव बास्की और राजेंद्र मुर्मू ने किया। प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने और उनकी शैक्षणिक जरूरतों से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की।

ज्ञापन में छात्रों ने कहा कि दुमका जिले के कल्याण छात्रावासों में रहने वालों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उसी अनुपात में सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि संताल परगना के दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अनेक विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति तथा छात्रावास पर निर्भर हैं।

छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 की छात्रवृत्ति लंबित है। उन्होंने 2026-27 की प्रक्रिया भी समय पर पूरी करने की मांग रखी। ज्ञापन में छात्रवृत्ति मिलने में देरी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का दावा किया गया है।

छात्रों ने कई छात्रावासों में रसोइया, रात्रि प्रहरी और सफाई कर्मी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी की। इसके अलावा जर्जर भवनों तथा पेयजल, बिजली, शौचालय, फर्नीचर, रसोई सामग्री, पुस्तकालय और खेल सामग्री की कमी का मुद्दा उठाया गया। ये सभी बातें छात्र प्रतिनिधियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन और उनके बयानों पर आधारित हैं।

समिति ने सभी कल्याण छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए लिखित कार्ययोजना और स्पष्ट समय-सीमा तय करने को कहा गया है। छात्र नेताओं ने मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में संताल परगना में लोकतांत्रिक और चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।