मंझारी के विद्यालय में सड़क सुरक्षा अभियान, विद्यार्थियों को यातायात नियमों की दी जानकारी

जिला सड़क सुरक्षा टीम और परिवहन विभाग ने मंझारी के उत्क्रमित उच्च विद्यालय में विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, दुर्घटना से बचाव और गुड सेमेरिटन योजना के बारे में जागरूक किया।

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मंझारी के विद्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान

पश्चिमी सिंहभूम के मंझारी स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सोमवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। जिला सड़क सुरक्षा टीम और परिवहन विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियम समझाना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क पर बनी विभिन्न मार्किंग और यातायात संकेत बोर्ड की जानकारी दी गई। टीम ने यह भी बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर किस तरह की कार्रवाई हो सकती है। विद्यार्थियों से कहा गया कि सड़क पर चलते समय संकेतों को समझना और निर्धारित नियमों का पालन करना सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी है।

अभियान में सरकार की गुड सेमेरिटन योजना के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इसके साथ सड़क दुर्घटना से प्रभावित परिवार को मिलने वाले मुआवजे से संबंधित प्रावधानों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। आयोजन में दुर्घटना के बाद जिम्मेदार व्यवहार और पीड़ित की सहायता के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया।

सड़क सुरक्षा टीम ने तेज गति से वाहन चलाने, नशे का सेवन कर वाहन चलाने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने को दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में बताया। इन जोखिमों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन करने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की गई।

मंझारी थाने के एसआई जितेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों से नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने को कहा। उन्होंने तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति सचेत किया। विद्यार्थियों को स्वयं सावधानी बरतने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

आयोजकों ने विद्यार्थियों से घर, विद्यालय, गांव और समाज के स्तर पर सड़क सुरक्षा से जुड़ी छोटी-छोटी जिम्मेदारियां तय करने की अपील की। अभियान का संदेश था कि नियमों की जानकारी को दैनिक व्यवहार में अपनाकर तथा दूसरों को सावधान करके दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में सहयोग दिया जा सकता है।